नयी दिल्ली: शुक्रवार का दिन सोना और चांदी के लिए बेहद नकारात्मक रहा। एमसीएक्स पर दोनों कीमती धातुओं में अचानक भारी गिरावट देखने को मिली। चांदी में 15 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई, जिससे इसका भाव करीब 60,000 रुपये घटकर 3,39,910 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया। वहीं सोने में भी करीब 9 फीसदी की गिरावट आई और 10 ग्राम सोना 14,000 रुपये की डुबकी के बाद 1,55,000 रुपये पर कारोबार कर रहा था।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस गिरावट का मुख्य कारण निवेशकों द्वारा रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद मुनाफा निकालना रहा। जनवरी में चांदी ने 56% की तेजी दर्ज की थी, जो इसके लिए ऐतिहासिक मासिक प्रदर्शन था, वहीं सोने में डॉलर के मुकाबले 20% से अधिक की बढ़ोतरी हुई थी, जो 1980 के बाद की सबसे बड़ी मासिक बढ़ोतरी थी। एक दिन पहले ही चांदी 4,20,048 रुपये प्रति किलोग्राम और सोना 10 ग्राम के लिए 1,80,779 रुपये तक पहुंच चुका था।
इस गिरावट में अंतरराष्ट्रीय बाजारों की भूमिका भी रही। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद कि फेडरल रिजर्व के नए चेयरमैन की घोषणा जल्द की जाएगी, बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई। साथ ही, डॉलर की मजबूती और ओवरबॉट संकेतों ने बिकवाली के दबाव को और तेज किया।
विश्लेषकों का मानना है कि गिरावट के बावजूद यह निवेशकों के लिए एक अवसर भी हो सकता है। सिटीग्रुप की कमोडिटीज टीम ने चांदी को “स्टेरॉयड पर सोना” बताया और भविष्य में तेजी की संभावना जताई। वहीं, जेपी मॉर्गन के क्वांट रणनीतिकार मार्को कोलनोविच का अनुमान है कि साल के अंत तक कीमतें लगभग 50% तक गिर सकती हैं।
इस स्थिति में निवेशकों के लिए यह स्पष्ट नहीं है कि खरीदारी का यह सही समय है या फिर और गिरावट आने की संभावना है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बाजार की तकनीकी स्थितियों और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संकेतकों को ध्यान में रखते हुए ही निवेश का निर्णय लें।







