
बिज़नेस डेस्क: रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत ने एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत अब एक स्वदेशी कंपनी भारतीय सशस्त्र बलों को उच्च गुणवत्ता वाले कार्बन फैब्रिक और उन्नत कंपोजिट मैटेरियल की आपूर्ति करेगी। यह कदम न केवल रक्षा उत्पादन में घरेलू क्षमता को मजबूत करेगा, बल्कि आयात पर निर्भरता भी कम करेगा।
कार्बन फैब्रिक और कंपोजिट मैटेरियल आधुनिक सैन्य उपकरणों के निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनका उपयोग बुलेटप्रूफ जैकेट, हेलमेट, ड्रोन, मिसाइल सिस्टम, हल्के बख्तरबंद वाहन, नौसेना के ढांचे और वायुसेना के विभिन्न प्लेटफॉर्म में किया जाता है। इन सामग्रियों की खासियत यह है कि ये अत्यधिक मजबूत होने के साथ-साथ हल्की भी होती हैं, जिससे उपकरणों की दक्षता और गतिशीलता बढ़ती है।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि स्वदेशी उत्पादन से लागत में कमी आएगी और आपूर्ति श्रृंखला अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनेगी। वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक चुनौतियों को देखते हुए संवेदनशील रक्षा सामग्रियों का घरेलू निर्माण रणनीतिक दृष्टि से भी अहम है।
बताया जा रहा है कि संबंधित कंपनी ने अत्याधुनिक विनिर्माण सुविधाएं स्थापित की हैं और अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित किया है। आने वाले समय में यह कंपनी रक्षा निर्यात के क्षेत्र में भी अपनी भूमिका बढ़ा सकती है।
सरकार का लक्ष्य है कि 2029 तक भारत को रक्षा उत्पादन और निर्यात के क्षेत्र में वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित किया जाए। ऐसे में कार्बन कंपोजिट जैसी उन्नत तकनीकी सामग्रियों का देश में निर्माण ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ के विजन को नई मजबूती देता है।






