लाइफ स्टाइल: प्रिया मलिक की जिंदगी में प्यार, टूटन और आत्मखोज की कहानी उतनी ही गहरी है, जितनी उनकी कविताएं। देहरादून के कार्मन स्कूल में पढ़ाई के दौरान, जब वह सिर्फ 12 साल की थीं, तब उन्हें पहली बार प्रेम का एहसास हुआ। उस मासूम आकर्षण ने उन्हें अपनी पहली प्रेम कविता लिखने के लिए प्रेरित किया। हालांकि उस उम्र के प्यार को परिवार और शिक्षकों की डांट का सामना करना पड़ा और वह रिश्ता आगे नहीं बढ़ सका, लेकिन इसी अनुभव ने उनके भीतर लेखन का बीज बो दिया।
दिल्ली के वेंकटेश्वर कॉलेज से इंग्लिश लिटरेचर की पढ़ाई के दौरान उन्होंने काम के साथ अपने सपनों को भी संभाला। 21 साल की उम्र में उन्होंने प्रेम विवाह किया और ऑस्ट्रेलिया चली गईं, जहां उन्होंने एप्लाइड लिंग्विस्टिक्स में मास्टर्स किया और बतौर इंग्लिश टीचर काम किया। लेकिन विदेश में रहते हुए उन्हें अपने देश और पहचान की कमी महसूस हुई। यह एहसास उनकी कविताओं में भी झलका, खासकर ‘मैं 2019 में 1999 ढूंढ रही हूं’ जैसी रचनाओं में। अंततः यह रिश्ता टूट गया और वह भारत लौट आईं।
ऑस्ट्रेलिया में उन्होंने पहली बार मंच पर कविता पढ़ी और बाद में Big Brother में भाग लिया, जिससे उन्हें भारत में Bigg Boss का ऑफर मिला। भारत लौटने के बाद ओपन माइक के जरिए उनकी कविताओं को नई पहचान मिली और यह उनका पेशा बन गया।
इसी दौरान उनकी मुलाकात करण से हुई, जो बाद में उनके जीवनसाथी बने। बीमारी के दौरान करण की देखभाल ने उनके रिश्ते को गहराई दी और यह दोस्ती इश्क में बदल गई। आज दोनों का एक बेटा है और प्रिया अपने लाइव शो ‘इश्क है’ के जरिए दुनियाभर में प्रस्तुति दे रही हैं।
प्रिया अपनी प्रेरणा अमृता प्रीतम से जोड़ती हैं और मानती हैं कि सच्चा इश्क आत्मस्वीकृति से शुरू होता है। उनका मानना है कि जब इंसान खुद से प्यार करना सीखता है, तभी उसे जिंदगी में सच्चा प्यार मिलता है।







