वॉशिंगटन: इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इज़रायल के लिए सुरक्षा सहायता पर एक नए समझौते (एमओयू) का सुझाव दिया जिसके तहत अमेरिका अपना योगदान बढ़ाकर 16 अरब डॉलर कर देगा। एक्सिओस ने अधिकारियों के हवाले से बुधवार को यह जानकारी दी। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में 2019-2028 के वित्तीय वर्षों के लिए 2016 में हुए एमओयू के अनुसार, अमेरिका ने इज़रायल को प्रति वर्ष 3.3 अरब डॉलर की सुरक्षा सहायता और साथ मिलकर मिसाइल रक्षा कार्यक्रम चलाने के लिए 50 करोड़ डॉलर देने का वादा किया था।
रिपोर्ट के अनुसार, यह सुझाव इज़रायल के उस कथित लक्ष्य का हिस्सा है जिसके तहत वह आने वाले दशक में अमेरिकी सैन्य मदद पर अपनी निर्भरता को पूरी तरह खत्म करना चाहता है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि श्री नेतन्याहू समझते हैं कि अमेरिकी कांग्रेस में दोनों पार्टियों के सांसद इज़रायल को अमेरिका से मिलने वाली मदद को लेकर नकारात्मक सोच रखते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, 16 अरब डॉलर की सीधी सैन्य मदद के अलावा, प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया के देशों में मिसाइल रक्षा प्रणाली विकसित करने के लिए पांच से 10 अरब डॉलर और नई हथियार प्रणाली के संयुक्त अनुसंधान एवं विकास के लिए 16 अरब डॉलर देने का सुझाव दिया।
उल्लेखनीय है कि 15 जुलाई को, अमेरिकी विदेश विभाग के राष्ट्रीय सुरक्षा एवं विनियोग अधिनियम में एक संशोधन पेश किया गया था, जिसका उल्लेश्य इज़रायल के लिए 3.3 अरब डॉलर की धनराशि रोकना था लेकिन हाउस ऑफ़ रिप्रेजेंटेटिव्स में हुए मतदान में यह संशोधन 314-104 के अंतर से गिर गया। श्री नेतन्याहू ने श्री ट्रंप से यह भी कहा है कि इज़रायल वास्तव में अमेरिका पर अपनी सैन्य निर्भरता को शून्य करने की कोशिश कर रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को ओवल ऑफिस में हुई द्विपक्षीय बैठक के दौरान श्री नेतन्याहू ने श्री ट्रंप से यह बात उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विशेष दूत स्टीव विटकोफ के सामने कही। साथ ही, यह भी बताया गया कि इज़रायल की योजना अगले दशक में अमेरिकी सैन्य सहायता को खत्म करना है।
रिपोर्ट के अनुसार, रिपब्लिकन सांसदों ने ट्रंप प्रशासन के सामने चिंता व्यक्त की है कि अगर वह पश्चिम एशिया के इस देश को दी जाने वाली मदद धीरे-धीरे बंद करने का समर्थन करते हैं तो उन्हें इजरायल-विरोधी माना जा सकता है। वहीं दूसरी ओर, प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने इस सार्वजनिक मुहिम का नेतृत्व करने की पेशकश की है।







