वर्ल्ड डेस्क: कैरिबियाई सागर में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अमेरिका की कार्रवाई तेज होती दिख रही है। United States Southern Command ने एक बयान जारी कर बताया कि 13 फरवरी को ड्रग तस्करी में शामिल एक संदिग्ध पोत पर घातक सैन्य हमला किया गया। इस ऑपरेशन का नेतृत्व जॉइंट टास्क फोर्स सदर्न स्पीयर ने कमांडर जनरल फ्रांसिस एल. डोनोवन के निर्देश पर किया। कार्रवाई का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किया गया है, जिसमें समुद्र में चल रहे जहाज को कुछ ही पलों में विस्फोट के साथ नष्ट होते देखा जा सकता है।
अमेरिकी सेना के मुताबिक, खुफिया एजेंसियों से मिली जानकारी के आधार पर यह पुष्टि हुई थी कि उक्त पोत कैरिबियाई सागर के उन मार्गों से गुजर रहा था जो मादक पदार्थों की तस्करी के लिए कुख्यात हैं। सेना का दावा है कि जहाज ड्रग कार्टेल से जुड़ा हुआ था और सक्रिय रूप से अवैध तस्करी में संलिप्त था। इस सैन्य कार्रवाई में तीन संदिग्ध तस्करों की मौत हुई, जबकि अमेरिकी बलों का कोई भी जवान घायल नहीं हुआ।
दक्षिणी कमान के अनुसार, हाल के महीनों में इस तरह की कार्रवाइयों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। सितंबर की शुरुआत से कैरिबियाई सागर और पूर्वी प्रशांत महासागर में कम से कम 38 ऑपरेशन अंजाम दिए जा चुके हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, मौजूदा प्रशासन के दौरान ड्रग तस्करी से जुड़े अभियानों में मारे गए लोगों की संख्या बढ़कर 133 तक पहुंच गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह सख्त रुख अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क पर दबाव बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है। हालांकि, ऐसी सैन्य कार्रवाइयों को लेकर मानवाधिकार और अंतरराष्ट्रीय कानून के पहलुओं पर भी बहस जारी है।







