वॉशिंगटन: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच क्षेत्रीय हालात और गंभीर होते जा रहे हैं। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव अब लगातार तेज होता दिख रहा है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने देश की सैन्य ताकत को और मजबूत करने के लिए हथियार उत्पादन को चार गुना बढ़ाने की योजना का ऐलान किया है। उनके इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई चर्चा छेड़ दी है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष अब आठवें दिन में प्रवेश कर चुका है। एक ओर Israel और अमेरिका की ओर से Iran के ठिकानों पर हमले किए जा रहे हैं, वहीं ईरान भी इजराइल और खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर जवाबी कार्रवाई कर रहा है। लगातार हो रही बमबारी के कारण पूरा क्षेत्र बेहद तनावपूर्ण स्थिति में पहुंच गया है।
इसी बीच ट्रंप ने बताया कि अमेरिका ने अपने हथियार और गोला-बारूद के उत्पादन को बड़े पैमाने पर बढ़ाने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया करीब तीन महीने पहले ही शुरू कर दी गई थी और अब इसे और तेज किया जाएगा। ट्रंप के अनुसार अमेरिका के पास मध्यम और उच्च श्रेणी के गोला-बारूद की आपूर्ति “लगभग अनंत” है और जरूरत पड़ने पर इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।
ट्रंप ने बताया कि इस संबंध में अमेरिका की प्रमुख रक्षा कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक भी की गई। इसमें BAE Systems, Boeing, Honeywell Aerospace, L3Harris Technologies, Lockheed Martin, Northrop Grumman और Raytheon Technologies जैसी बड़ी कंपनियों के सीईओ शामिल हुए। बैठक में हथियार उत्पादन बढ़ाने और सप्लाई चेन को मजबूत करने पर चर्चा हुई।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब पश्चिम एशिया में संघर्ष तेजी से फैल सकता है। अमेरिका अपनी सैन्य तैयारी और हथियार भंडार को मजबूत कर यह संदेश देना चाहता है कि वह किसी भी बड़े टकराव के लिए तैयार है। हालांकि कुछ विशेषज्ञों ने यह भी कहा है कि “अनंत हथियार आपूर्ति” का दावा वास्तविक स्थिति से अलग हो सकता है और इसे रणनीतिक संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है।







