मॉस्को: रूस के उप प्रधानमंत्री अलेक्जेंडर नोवाक ने कहा है कि रूसी कंपनियां घरेलू बाजार में पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के बाद अक्टूबर में अमेरिका और वैश्विक बाजारों को पांच लाख टन तक डीजल निर्यात कर सकती हैं। उन्होंने बताया कि रूसी डीजल लेकर पहले तीन टैंकर अटलांटिक महासागर की ओर बढ़ रहे हैं। यह बयान ऐसे समय आया है, जब रूस और अमेरिका के बीच ऊर्जा आपूर्ति को लेकर हुए कथित समझौते पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हो रही है।
नोवाक के अनुसार, रूस की प्राथमिकता घरेलू बाजार में ईंधन की उपलब्धता बनाए रखना है। इसके बाद अतिरिक्त डीजल को विदेशी बाजारों में भेजा जा सकता है। प्रस्तावित निर्यात से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा व्यापार में रूस की भूमिका पर भी ध्यान केंद्रित हुआ है।
रूस-अमेरिका के बीच डीजल आपूर्ति पर चर्चा
रिपोर्ट के मुताबिक, नौ अक्टूबर को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच वैश्विक बाजार में रूसी डीजल की आपूर्ति से संबंधित समझौता हुआ था। हालांकि, इस समझौते की शर्तों और इसके व्यावहारिक प्रभावों का विस्तृत विवरण उपलब्ध जानकारी में स्पष्ट नहीं है।
इस घटनाक्रम के बीच ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की शांति समझौते के प्रति कथित अनिच्छा पर असंतोष जताया। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने रूस के साथ समझौता करने में सक्षम नए यूक्रेनी नेतृत्व की जरूरत की बात भी कही।
ऊर्जा ठिकानों पर हमलों को लेकर आरोप-प्रत्यारोप
नोवाक ने आरोप लगाया कि यूक्रेन ने ऊर्जा क्षेत्र में युद्धविराम की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। उनके मुताबिक, 14 अक्टूबर को रूस के सारातोव और रियाज़ान क्षेत्रों में तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाया गया। ये आरोप रूसी पक्ष की ओर से लगाए गए हैं और उपलब्ध जानकारी में इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं दी गई है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जेलेंस्की ने रूस और अमेरिका के बीच डीजल आपूर्ति से जुड़े समझौते पर सार्वजनिक रूप से नाराजगी व्यक्त की है। इससे ऊर्जा व्यापार और रूस-यूक्रेन संघर्ष के बीच संबंधों को लेकर बहस तेज हुई है।
वैश्विक ऊर्जा बाजार पर नजर
रूस की ओर से प्रस्तावित डीजल निर्यात का वास्तविक स्तर घरेलू उपलब्धता, आपूर्ति व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। यदि अक्टूबर में पांच लाख टन तक निर्यात होता है, तो यह वैश्विक बाजार में रूसी ईंधन की उपलब्धता से जुड़ा महत्वपूर्ण घटनाक्रम होगा। फिलहाल, निर्यात की अंतिम मात्रा और गंतव्य के बारे में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।







