ईरान: पश्चिम एशिया में जारी तनाव और युद्ध के माहौल के बीच Iran से एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। ईरान की सर्वोच्च धार्मिक संस्था Assembly of Experts ने आधिकारिक तौर पर Mojtaba Khamenei को देश का नया सुप्रीम लीडर नियुक्त कर दिया है। वह लंबे समय तक इस पद पर रहे अपने पिता Ali Khamenei की विरासत को आगे बढ़ाएंगे। इस घोषणा की जानकारी ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर Press TV ने दी।
यह फैसला ईरान की राजनीति में एक ऐतिहासिक और विवादित बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि पहली बार सत्ता का हस्तांतरण सीधे पिता से पुत्र के हाथों में गया है। नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई लंबे समय से ईरान की राजनीतिक और धार्मिक व्यवस्था में प्रभावशाली लेकिन अपेक्षाकृत लो-प्रोफाइल भूमिका में रहे हैं।
8 सितंबर 1969 को मशहद में जन्मे मोजतबा खामेनेई ने तेहरान के अलावी स्कूल से अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी की। किशोरावस्था के दौरान उन्होंने Iran–Iraq War के समय कुछ समय के लिए सेना में भी सेवा दी थी। बाद में उन्होंने क़ोम के धार्मिक केंद्र में इस्लामी अध्ययन किया और धीरे-धीरे धार्मिक व राजनीतिक हलकों में अपनी पहचान बनाई। हाल के वर्षों में उन्हें “अयातुल्ला” की उपाधि से भी संबोधित किया जाने लगा, जिसे उनकी धार्मिक प्रतिष्ठा को मजबूत करने की कोशिश के रूप में देखा गया।
राजनीतिक रूप से मोजतबा खामेनेई पहली बार 2005 के ईरानी राष्ट्रपति चुनाव के दौरान चर्चा में आए, जब हार्डलाइन नेता Mahmoud Ahmadinejad सत्ता में आए। उस समय कुछ विपक्षी नेताओं ने उन पर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोप भी लगाए थे।
विश्लेषकों का मानना है कि मोजतबा खामेनेई अपने पिता की कठोर और रूढ़िवादी नीतियों को आगे बढ़ा सकते हैं। हालांकि उनके सामने आर्थिक चुनौतियों, आंतरिक असंतोष और क्षेत्रीय संघर्षों के बीच देश को स्थिर रखने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। ऐसे समय में जब मध्य पूर्व में तनाव चरम पर है, उनका नेतृत्व आने वाले समय में ईरान की दिशा तय करेगा।







