वर्ल्ड डेस्क: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। ईरान ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को दो टूक चेतावनी दी है कि तेहरान पर किसी भी तरह का हमला उसके खिलाफ “पूर्ण युद्ध” माना जाएगा और उसका जवाब बेहद सख्ती से दिया जाएगा। यह बयान ऐसे समय आया है, जब ट्रंप ने मध्य पूर्व की ओर अमेरिकी युद्धपोतों और लड़ाकू विमानों की तैनाती की बात कही है।
रॉयटर्स से बातचीत में एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने कहा कि सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के नेतृत्व में ईरान लगातार मिल रही अमेरिकी सैन्य धमकियों को गंभीरता से ले रहा है। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि हमला चाहे सीमित हो या व्यापक, ईरान उसे युद्ध की घोषणा मानेगा। उन्होंने कहा कि इस बार किसी भी आक्रामक कार्रवाई का जवाब “सबसे कड़े और निर्णायक” तरीके से दिया जाएगा।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका ने विमानवाहक पोत अब्राहम लिंकन और टॉमहॉक मिसाइलों से लैस तीन विध्वंसक जहाजों को मध्य पूर्व भेजने का फैसला किया है। इसके अलावा, अमेरिकी वायुसेना ने भी एफ-15ई लड़ाकू विमानों की तैनाती बढ़ा दी है। इसे ईरान पर दबाव बनाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
इससे पहले ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा था कि अमेरिका उसकी गतिविधियों पर करीबी नजर रखे हुए है। उन्होंने यहां तक कहा कि अगर ईरान ने आक्रामक कदम उठाए, तो उस पर पहले से कहीं ज्यादा जोरदार हमला किया जाएगा। ट्रंप का यह बयान ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर दी गई पुरानी धमकियों की याद दिलाता है।
ईरान ने फिलहाल संभावित जवाबी कार्रवाई का ब्योरा नहीं दिया है, लेकिन यह जरूर कहा है कि देश हाई अलर्ट पर है और उसकी सैन्य ताकत किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस बीच, ईरान के भीतर जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों और बढ़ती अस्थिरता ने हालात को और संवेदनशील बना दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बयानबाजी से आगे कोई कदम उठता है, तो इसका असर पूरे मध्य पूर्व पर पड़ सकता है।







