मिलान। इटली के परिवहन मंत्रालय ने बोलोन्या क्षेत्र में शीतकालीन ओलंपिक्स के पहले दिन हुई ट्रेन सेवाओं को बाधित करने वाली घटनाओं को ‘नुकसान पहुंचाने की कोशिश’ करार देते हुए कहा है कि ये 2024 में पेरिस ओलंपिक खेलों के उद्घाटन से ठीक पहले फ्रांस में हुए हमलों की याद दिलाती हैं। बोलोन्या क्षेत्र में रेलवे ट्रैक और उससे जुड़ी अवसंरचनाओं को नुकसान पहुंचने की कई घटनाएं सामने आयी हैं। पहली घटना शनिवार सुबह बोलोन्या-वेनिस खंड पर दर्ज की गयी, जहां क्षतिग्रस्त केबल पाए गए। इसके अलावा, बोलोन्या-पाडुआ लाइन पर एक स्विच के पास एक देसी बम (आईईडी) बरामद किया गया, जिसे निष्क्रिय कर दिया गया।
इसी मार्ग के उच्च-रफ्तार रेलवे खंड पर बिजली के केबल काटे गए, जबकि बोलोन्या-एंकोना लाइन पर पेसारो के पास एक विद्युत कैबिनेट में आग लगने की सूचना मिली। इटली के रेलवे नेटवर्क संचालक ने दोपहर 2:45 बजे सेवा बहाल किये जाने की घोषणा की। परिवहन मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “आज सुबह बोलोन्या और पेसारो रेलवे स्टेशनों के पास हुई गंभीर तोड़फोड़ की घटनाएं, जिनसे हजारों यात्रियों को भारी असुविधा हुई, चिंताजनक हैं और फ्रांस में पेरिस ओलंपिक के उद्घाटन से कुछ घंटे पहले हुए हमलों की याद दिलाती हैं।” मंत्रालय ने कहा कि परिवहन मंत्री और उप प्रधानमंत्री मातेओ साल्विनी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
बयान में कहा गया, “इस तरह की अभूतपूर्व गंभीर कार्रवाइयां इटली की अंतरराष्ट्रीय छवि को धूमिल नहीं कर पाएंगी, जिसे (शीतकालीन) ओलंपिक खेल और भी सकारात्मक तथा प्रभावशाली बनाएंगे।” बोर्मियो में प्रतियोगिताओं की निगरानी कर रहे साल्विनी ने स्वयं इन घटनाओं को “जानबूझकर किये गये हमले” बताया। उन्होंने कहा, “यदि यह पुष्टि होती है कि ओलंपिक खेलों के पहले दिन ट्रेन सेवाओं का रुकना जानबूझकर किये गये हमले का नतीजा है, तो यह कहा जा सकता है कि कोई इटली का बुरा चाहता है।” इतालवी मीडिया के अनुसार, जांचकर्ता इस संभावना से इनकार नहीं कर रहे हैं कि यह एक प्रदर्शनात्मक अराजकतावादी कार्रवाई हो सकती है, जैसा कि 2024 में पेरिस ओलंपिक के दौरान फ्रांस में देखा गया था।







