मुंबई। यश चोपड़ा फाउंडेशन ने अपने छात्रवृत्ति कार्यक्रम का विस्तार करते हुए वर्ष 2026-27 के लिए 11 छात्रों का चयन किया है। इस बार कार्यक्रम में पहली बार रोबोटिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और अन्य तकनीक आधारित पाठ्यक्रमों की पढ़ाई कर रहे छात्रों को भी शामिल किया गया है।
यश राज फिल्म्स की परोपकारी पहल के तहत संचालित इस छात्रवृत्ति कार्यक्रम का उद्देश्य हिंदी फिल्म उद्योग से जुड़े परिवारों के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। इसके लिए पंजीकृत हिंदी फिल्म उद्योग और फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (एफडब्ल्यूआईसीई) के सदस्यों के बच्चों को सहायता दी जाती है। चयनित प्रत्येक छात्र को पांच लाख रुपये तक की वित्तीय मदद प्रदान की जाती है।
इस वर्ष 300 से अधिक पंजीकृत आवेदकों में से योग्यता और आर्थिक जरूरत के आधार पर 11 छात्रों का चयन किया गया। ये छात्र तकनीक, इंजीनियरिंग, प्रबंधन और अन्य क्षेत्रों में उच्च शिक्षा हासिल कर रहे हैं। चयनित छात्रों के पाठ्यक्रमों में कंप्यूटर विज्ञान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स एवं एआई, इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, सूचना प्रौद्योगिकी, प्रबंधन, वाणिज्य, पत्रकारिता और साइबर सुरक्षा शामिल हैं।
यश राज फिल्म्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अक्षय विधानी ने कहा कि हिंदी फिल्म उद्योग को बनाने और आगे बढ़ाने में हर स्तर पर काम करने वाले लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका है। छात्रवृत्ति कार्यक्रम के जरिए उनके परिवारों की अगली पीढ़ी को उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि फिल्म उद्योग लगातार बदल रहा है और इसके साथ जुड़े परिवारों के लिए शिक्षा एवं करियर के अवसरों का भी विस्तार होना जरूरी है। इसी सोच के तहत इस वर्ष तकनीक आधारित पाठ्यक्रमों को भी छात्रवृत्ति कार्यक्रम के दायरे में लाया गया है।
फाउंडेशन के अनुसार, यह पहल पर्दे के पीछे काम करने वाले कर्मचारियों और तकनीशियनों के परिवारों तक भी पहुंच रही है। तकनीशियन, लाइटमैन, स्पॉट बॉय और अन्य दैनिक वेतनभोगी कर्मियों के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहयोग देकर उनकी शैक्षणिक आकांक्षाओं को आगे बढ़ाने का अवसर दिया जा रहा है।







