मुंबई। बॉम्बे हाईकोर्ट ने अभिनेत्री कंगना रनौत की फिल्म ‘क्वीन फॉरएवर’ के निर्माण और रिलीज पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया है। यह मामला वर्ष 2014 में रिलीज हुई फिल्म ‘क्वीन’ के बौद्धिक संपदा अधिकारों से जुड़ा है। अदालत के फैसले के बाद फिलहाल फिल्म का निर्माण जारी रह सकता है।
न्यायमूर्ति संदीप मार्ने ने बुधवार को फैंटम स्टूडियोज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की ओर से मांगी गई अंतरिम राहत देने से इनकार किया। कंपनी का दावा है कि मूल फिल्म ‘क्वीन’ के बौद्धिक संपदा अधिकारों में उसकी 50 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
फैंटम स्टूडियोज ने क्या आरोप लगाए?
फैंटम स्टूडियोज के अनुसार, मूल फिल्म का निर्माण उसने और वायाकॉम18 ने संयुक्त रूप से किया था। वायाकॉम18 का नाम अब जियोस्टार इंडिया प्राइवेट लिमिटेड है। कंपनी ने अदालत में कहा कि वर्ष 2012 के सह-निर्माण समझौते और 2022 के अधिकार हस्तांतरण दस्तावेज के तहत दोनों पक्षों को फिल्म के सीक्वल, प्रीक्वल, रीमेक और अन्य रूपांतरणों पर समान अधिकार मिले थे।
कंपनी का आरोप है कि उसने ‘क्वीन’ के दूसरे भाग के निर्माण के लिए सहमति नहीं दी थी। इसके बावजूद जियोस्टार ने परियोजना पर काम जारी रखा। फैंटम स्टूडियोज ने अप्रैल 2026 से इस संबंध में नोटिस भेजने का दावा किया है।
फैंटम स्टूडियोज ने अदालत से अनुरोध किया था कि उसकी लिखित सहमति के बिना ‘क्वीन फॉरएवर’, ‘क्वीन 2’ या ‘क्वीन फुल पावर’ शीर्षक से फिल्म के निर्माण, प्रचार और प्रदर्शन पर रोक लगाई जाए। कंपनी ने कथित बौद्धिक संपदा अधिकार उल्लंघन को लेकर 250 करोड़ रुपये का मुकदमा भी दायर किया है।
जियोस्टार ने दी अलग दलील
जियोस्टार ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि नई फिल्म एक स्वतंत्र परियोजना है और वर्ष 2014 में आई ‘क्वीन’ की अगली कड़ी नहीं है। कंपनी ने यह भी कहा कि फैंटम स्टूडियोज को अप्रैल 2025 से ही इस परियोजना की जानकारी थी।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने फिलहाल निर्माण और रिलीज पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि अधिकारों के स्वामित्व और मूल फिल्म से जुड़े व्युत्पन्न अधिकारों का अंतिम फैसला मुख्य मुकदमे में गुण-दोष के आधार पर किया जाएगा।







