
एंटरटेनमेंट डेस्क: इक्कीस के अंत में दिखाए गए विवादित डिस्क्लेमर को लेकर फिल्म के निर्देशक श्रीराम राघवन ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिल्म में शामिल उस डिस्क्लेमर से वह व्यक्तिगत रूप से पूरी तरह संतुष्ट नहीं थे और यह फैसला पूरी तरह उनके नियंत्रण में नहीं था। यह बयान ऐसे समय में आया है जब सोशल मीडिया पर इस डिस्क्लेमर को लेकर बहस तेज हो गई है।
फिल्म ‘इक्कीस’ भारत के वीर सैनिक अरुण खेत्रपाल के जीवन पर आधारित है, जिन्हें देश का सर्वोच्च सैन्य सम्मान परम वीर चक्र मिला था। फिल्म के आखिर में एक डिस्क्लेमर दिखाया गया, जिसमें 1971 के युद्ध के दौरान पाकिस्तान की सेना के व्यवहार का उल्लेख किया गया और उसे लेकर कड़ी टिप्पणी की गई। इस हिस्से को लेकर दर्शकों और समीक्षकों के बीच अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
एक इंटरव्यू में श्रीराम राघवन ने कहा कि फिल्म से जुड़े कुछ फैसले ऐसे होते हैं, जो निर्देशक के सीधे नियंत्रण में नहीं होते। उन्होंने उदाहरण देते हुए अपनी फिल्म ‘बदलापुर’ का जिक्र किया, जिसमें अंत में जोड़ा गया एक म्यूजिक वीडियो उनके निर्णय का हिस्सा नहीं था। उन्होंने बताया कि ‘इक्कीस’ के निर्माता दिनेश विजान ने उन्हें फिल्म बनाने की पूरी स्वतंत्रता दी, लेकिन डिस्क्लेमर को लेकर उनकी अलग राय थी।
यह फिल्म 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान हुई ‘बैटल ऑफ बसंतर’ की घटनाओं पर आधारित है, जिसमें अरुण खेत्रपाल ने असाधारण साहस दिखाया था। फिल्म से अगस्त्य नंदा ने बॉलीवुड में डेब्यू किया है, जबकि जयदीप अहलावत और धर्मेंद्र जैसे कलाकार भी अहम भूमिकाओं में नजर आए हैं।
फिलहाल, इस डिस्क्लेमर को लेकर जारी विवाद ने फिल्म और उसके कंटेंट को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है, जिससे निर्देशक और निर्माता के बीच रचनात्मक निर्णयों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।






