सासाराम। जात पात में विभक्त हिन्दू समाज जब तक आपसी भाईचारा कायम नहीं करते और भेद-भाव भूलाकर एकजूट नहीं होते तब तक अपना राष्ट्र परम वैभव को प्राप्त करने के लक्ष्य से दूर है। इसका सबसे बड़ा कारण अपने बीच तथाकथित सेक्युलर लोग एवं उनको विदेशी ताकतों का मिल रहा सहयोग है ।भोला भाला हिन्दू समाज ऐसे तत्वों से की साज़िश का शिकार हो कर प्रभावित हुआ है। हमें जात पात, अमीर गरीब, उंच नीच आदि को भूलकर केवल हिन्दू हैं, ऐसी भावना से एकजुट होना होगा। ऐसा करके ही हम डॉक्टर केशव बलिराम हेडगेवार के सपनों को साकार कर सकते हैं। यह उद्गार गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विजयादशमी उत्सव को संबोधित करते हुए बिहार झारखंड के क्षेत्र प्रचारक रामनवमी प्रसाद ने कही।उन्होंने वहां उपस्थित स्वयंसेवकों एवं सम्मानित नागरिकों को शस्त्र पूजन के बाद अपने संबोधन में कहा कि आज भारत को बाहर से ज्यादा अंदर की ताकत से खतरा है एवं इससे निपटने में राष्ट्रीय स्वयंसेवक की भूमिका अति महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के सौ वर्ष पूरे होने के बाद भी अभी बहुत काम बाकी है ।उन्होंने कहा कि कोई संगठन सौ वर्षों तक चलकर और निरंतर प्रगति करते रहा यह उसकी बड़ी ताकत को दर्शाता है। इस अवसर पर रोहतास विभाग के प्रचारक विजेंद्र कुमार, विश्वविद्यालय के कुल सचिव डॉक्टर कुमार आलोक प्रताप, जनसंपर्क पदाधिकारी भूपेंद्र नारायण सिंह, राष्ट्रीय मेडिकल ऑर्गनाइजेशन के सदस्य गण, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के धीरेंद्र तिवारी, रामाशंकर प्रसाद, डॉक्टर मयंक राय, रोहित कुमार तथा विभिन्न सम्मानित नागरिक उपस्थित थे।







