
हाथीपांव से पीड़ित लोगों को दी जा रही इसकी जानकारी
रोहतास। हाथीपांव से पीड़ित मरीजों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र का लाभ दिलाने के लिए जिला फाइलेरिया उन्मूलन इकाई लगातार कार्य कर रही है और हाथीपांव से पीड़ित मरीजों की तलाश कर उनका दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने में जुटी हुई है। सरकार ने अब हाथीपांव से पीड़ित लोगों को भी दिव्यांगता की श्रेणी में ला दिया है ऐसे में इस बीमारी से पीड़ित लोगों को भी इसका लाभ मिल सके इसके लिए सरकार के दिशा निर्देश पर जिला फाइलेरिया विभाग पीड़ित मरीजों की तलाश कर प्रमाण पत्र प्रदान करने में जुटी हुई है। रोहतास जिले में पिछले महीने 10 हाथीपांव से पीड़ित लोगों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र प्रदान किया गया था। बाकी मरीजों का लाइन लिस्टिंग के लिए जिला स्वास्थ्य समिति के साथ-साथ सहयोगी संस्था पिरामल स्वास्थ्य लगी हुई है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इस महीने के अंत तक दिव्यांगता जांच कैंप लगाया जाएगा जिसमें हाथीपांव से पीड़ित मरीजों का भी जांच किया जाएगा। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अब तक 35 लोगों का लाइन लिस्टिंग हो चुकी है और प्रमाण पत्र के लिए उन्हें जानकारी दी जा रही है।
हर माह मिलेगा पेंशन एवं अन्य सुविधाएं
अब हाथीपांव से पीड़ित लोगों को भी अब सामाजिक पेंशन योजना के तहत हर महीने 1100 सहायता राशि प्रदान की जाएगी। इसके अलावा दिव्यांगों की दी जाने वाली सुविधाओं का भी लाभ मिलेगा।
पीड़ित लोगों को मिले लाभ
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. असित रंजन ने बताया कि हाथीपांव से पीड़ित लोगों को भी दिव्यांगता की श्रेणी में रखा गया है। इसलिए ऐसे लोगों की पहचान के उपरांत दिव्यांगता की जांच कर प्रमाण पत्र देने की प्रक्रिया शुरू की गई है। सभी प्रखंड प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को ऐसे लोगों की पहचान करने के लिए दिशा निर्देश भी जारी किया गया है और उनके द्वारा पहचान कर जिला को रिपोर्टिंग किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ऐसे लोगों की पहचान करने के साथ साथ दिव्यांगता प्रमाण पत्र के बारे में जानकारी देने के लिए पंचायती राज, जीविका समूह, डेवलपमेंट पार्टनर्स का भी सहयोग लिया जा रहा है और इसका बेहतर परिणाम देखने को मिल रहा है। पिरामल स्वास्थ्य के प्रोग्राम लीडर (संचारी रोग) हेमंत कुमार ने बताया कि पंचायत स्तर पर सामुदायिक बैठक के माध्यम से लोगों को इसके बारे में जानकारी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि पहले लोगों की इस सुविधा के बारे में जानकारी नहीं थी लेकिन अब लोग धीरे धीरे जान रहें है। इसके लिए लाइन लिस्टिंग लोगों को कॉल कर के कैंप की जानकारी दी जा रही है.






