
सासाराम। सेवा स्थायीकरण एवं वेतनमान के मांगो के समर्थन में कार्यपालक सहायकों ने आंदोलन के चौथे दिन रविवार को जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन किया गया। उक्त धरना प्रदर्शन में सैकड़ो की संख्या में कार्यपालक सहायकों ने हिस्सा लिया। संगठन के नेता मुकेश कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बिहार सरकार ने कई संविदा कर्मियों के मानदेय एवं अन्य देय सुविधाओं के बारें में बेहतरीन कार्य किया है परन्तु कार्यपालक सहायकों के विषय में सरकार भुल गयी है। फलस्वरूप हम इन कार्यक्रमों के माध्यम से सरकार को याद दिला रहे है कि हम 15 वर्षो से संविदा की आग में झुलस रहे है, अब तो हमारा कल्याण किया जाए। साथ ही कार्यपालक सहायकों को सातवें वेतन आयोग के अनुशंसा के अनुरूप मानदेय भुगतान किया जाए। वही संगठन के जिला सचिव प्रेम प्रकाश पंकज ने बताया कि बिहार राज्य कार्यपालक सहायक सेवा संघ के नेतृत्व में जिले के सभी प्रखण्ड कार्यालय एवं विभागों में तकरीबन 700 कार्यपालक सहायक लोकतांत्रिक तरीके से सरकार के समक्ष अपनी मांगों के समर्थन में काला बिल्ला लगा कर कार्य किये। हमारें विरोध प्रदर्शन से आम जनमानस को असुविधा ना हो और सरकार को चुनाव के सामने किरकिरी का सामना ना करना पड़े इसलिए हम सरकारी कार्यो को करते हुए अवकाश के दिन अपना प्रदर्शन कर रहे है। हम सरकार के बिल्कुल भी विरोध में नही है हम सरकार से अनुरोध कर रहे है कि जैसे अन्य संविदा कर्मियों के बारे में सरकार कार्य कर रही है, हम भी सुशासन बाबु के कृपा का इंतजार कर रहे है। कार्यपालक सहायकों ने कहा कि कोरोना काल के दौरान और बिहार को डिजिटल बनाने में कार्यपालक सहायकों का अहम योगदान रहा है। इसलिए सरकार को भी हमलोगों के बारे में सोचना चाहिए।






