औरंगाबाद: सर्वाइकल से बचाव को लेकर जिलाधिकारी ने छात्राओं को किया जागरूक

औरंगाबाद। औरंगाबाद जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने शनिवार को अनुग्रह गर्ल्स हाई स्कूल एवं किशोरी सिन्हा गर्ल्स हाई स्कूल में उपस्थित होकर महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर से बचाव हेतु चलाए जा रहे एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान के अंतर्गत छात्राओं को टीकाकरण के लिए प्रोत्साहित किया। जिला पदाधिकारी ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान बालिकाओं के सुरक्षित एवं स्वस्थ भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर एवं ब्रेस्ट कैंसर के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है। पिछले कुछ वर्षों में कैंसर के कारण होने वाली मृत्यु दर में भी बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में एचपीवी वैक्सीन महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाने का प्रभावी माध्यम है।
उन्होंने कहा कि गार्डासिल वैक्सीन 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं को दिया जा रहा है, जो सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम में सहायक है। यह वैक्सीन सुरक्षित है तथा निर्धारित आयु वर्ग में इसका टीकाकरण अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने यह भी बताया कि 9 से 14 वर्ष आयु वर्ग की जिन बालिकाओं को पूर्व में टीका दिया जा चुका है, उन्हें आवश्यकतानुसार दूसरा डोज भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह वैक्सीन बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। जिला पदाधिकारी ने कहा कि किसी भी टीकाकरण के प्रति प्रारंभ में बच्चों में भय होना स्वाभाविक है, जैसे पूर्व में हेपेटाइटिस सहित अन्य टीकाकरण अभियानों के दौरान भी देखा गया था। उन्होंने छात्राओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि एचपीवी वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है तथा इससे घबराने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि पूर्व में यह वैक्सीन उपलब्ध नहीं थी, लेकिन अब सरकार द्वारा यह सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे वर्तमान पीढ़ी को लाभ मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले की अधिक से अधिक बालिकाओं को इस अभियान से जोड़ा जाए तथा निर्धारित लक्ष्य को शत-प्रतिशत प्राप्त किया जाए। इस उद्देश्य से जीविका समूह, आंगनवाड़ी केंद्रों एवं जनप्रतिनिधियों के माध्यम से व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। जिन विद्यालयों में 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं की संख्या अधिक है, वहाँ कैंप मोड में टीकाकरण की व्यवस्था की जा रही है। इसके अतिरिक्त एपीएचसी एवं पीएचसी स्तर पर भी एचपीवी वैक्सीन उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि सभी पात्र बालिकाएँ आसानी से इसका लाभ प्राप्त कर सकें।

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जिला पदाधिकारी ने कहा कि एक महिला के अस्वस्थ होने पर पूरे परिवार पर उसका प्रभाव पड़ता है। महिलाओं का स्वास्थ्य समाज और परिवार की नींव है। यदि बालिकाएँ स्वस्थ रहेंगी तो वे आगे चलकर अपने परिवार एवं समाज को सशक्त बनाएंगी। इसलिए यह आवश्यक है कि सभी बालिकाएँ टीकाकरण कराएं और अपने भविष्य को सुरक्षित बनाएं। साथ ही उन्होंने कहा कि किसी भी नई पहल के साथ कभी-कभी भ्रांतियाँ एवं अफवाहें फैलने लगती हैं। एचपीवी वैक्सीन को लेकर भी कुछ गलत सूचनाएँ फैलायी जा रही हैं, जैसे कि इससे किसी प्रकार के गंभीर दुष्प्रभाव या भविष्य में प्रजनन क्षमता पर प्रभाव पड़ सकता है, जबकि यह पूर्णतः निराधार है। यह वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है तथा वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित है कि यह सर्वाइकल कैंसर से बचाव में सहायक है। उन्होंने अपील की कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और अधिक से अधिक बालिकाओं को टीकाकरण के लिए प्रेरित करें। जिला पदाधिकारी ने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए जागरूकता और समय पर टीकाकरण अत्यंत आवश्यक है। इस अभियान के माध्यम से जिले में सर्वाइकल कैंसर के मामलों में कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने छात्राओं से अपील करते हुए कहा कि वे स्वयं टीका अवश्य लें तथा अपने परिवार और आसपास की अन्य बालिकाओं को भी इसके लिए प्रेरित करें, ताकि आने वाले समय में एचपीवी जनित कैंसर से होने वाली मृत्यु को रोका जा सके। उक्त अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. कृष्ण कुमार, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्वेता प्रियदर्शी, डीपीएम (स्वास्थ्य) मोहम्मद अनवर आलम एवं डीपीएम (स्थापना, शिक्षा) भोला कुमार कर्ण सहित संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।