Allegations of felling of government trees in Bihar, investigation launched against BDO for making beds and sofas

दरभंगा: दरभंगा जिले के केवटी प्रखंड में तैनात प्रखंड विकास पदाधिकारी चंद्रमोहन पासवान पर आरोप लगा है कि उन्होंने ब्लॉक परिसर से पुराने और महंगे पेड़ काटकर अपने निजी उपयोग के लिए पलंग-सोफा बनवाया। यह मामला भारतीय वन अधिनियम, 1927 और वन संरक्षण अधिनियम, 1986के तहत सरकारी परिसर में लगे पेड़ों की अवैध कटाई का दंडनीय अपराध है। वन विभाग के अधिकारी भास्कर चंद्र भारती ने बताया कि मामले की जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।

जानकारी के अनुसार, प्रखंड परिसर में कई पुराने और ऊंची कीमत वाले पेड़ लगे हुए थे, जिनकी उम्र 50 वर्ष से अधिक बताई जा रही है। इन महंगे और पुराने पेड़ों की कटाई को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता इकबाल अंसारी ने उच्च जिला पदाधिकारियों से शिकायत की है। उन्होंने बीडीओ पर आरोप लगाया कि उन्होंने लकड़ियों का निजी उपयोग कर पलंग-सोफा बनवाया। वहीं, इस पूरे मामले को लेकर मिथिला वन प्रमंडल के वन प्रमंडल अधिकारी भास्कर चंद्र भारती ने कहा कि शिकायत मिलने के बाद जांच के निर्देश दे दिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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फिलहाल, मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज है और सभी की निगाहें वन विभाग की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। शिकायतकर्ता इकबाल अंसारी ने आरोप लगाया कि करीब 50 वर्ष पुराने कीमती पेड़ समेत 14-15 पेड़ बिना किसी कागजी प्रक्रिया के काटकर गायब कर दिए गए। उन्होंने कहा कि इससे जुड़े साक्ष्य प्रशासन को सौंप दिए गए हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकारी संपत्ति के संरक्षक माने जाने वाले प्रखंड विकास पदाधिकारी ने पद का दुरुपयोग करते हुए लकड़ी को निजी उपयोग में लिया और पलंग-सोफा बनवाया। वहीं, प्रखंड विकास पदाधिकारी चंद्रमोहन पासवान ने आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि आंधी-तूफान में पेड़ गिर गया था और टहनियों से घिरा हुआ था, इसलिए सुरक्षा कारणों से उसे हटवाया गया।