
बिहार: सीवान जिले के गोरेयाकोठी थाना क्षेत्र अंतर्गत मझवलिया गांव में रविवार को बिजली विभाग की घोर लापरवाही एक लाइनमैन की जान ले गई। मृतक की पहचान जामो थाना क्षेत्र के डुमरी गांव निवासी 35 वर्षीय अमरेश यादव के रूप में हुई है, जो बिजली विभाग में लाइनमैन के पद पर कार्यरत थे। प्रत्यक्षदर्शियों और साथी कर्मचारियों ने बताया कि अमरेश यादव ने पूरी प्रक्रिया का पालन करते हुए शटडाउन लिया था और पोल पर चढ़कर मेंटेनेंस का कार्य कर रहे थे।
इसी बीच पावर सब स्टेशन के एक ऑपरेटर ने बिना सूचना या पुष्टि के अचानक से लाइन में दोबारा बिजली प्रवाहित कर दी, जिससे अमरेश करंट की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। चौंकाने वाली बात यह रही कि मौके पर मौजूद विभाग के जूनियर इंजीनियर ने न तो कोई मदद की और न ही किसी को जानकारी दी। उल्टा, वह अमरेश का शव सदर अस्पताल पहुंचाकर बिना किसी सूचना के फरार हो गया। मृतक के परिजनों ने बताया कि अमरेश विभाग के निर्देशों के अनुसार कार्य कर रहे थे, लेकिन उन्हें कोई सेफ्टी गियर उपलब्ध नहीं कराया गया था।
साथ ही, सब स्टेशन और मेंटेनेंस टीम के बीच सुरक्षा समन्वय का भी घोर अभाव था। घटना के बाद सहकर्मियों और स्थानीय लोगों में गुस्सा है। सभी ने दोषी ऑपरेटर और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई और मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है।






