
यमुनानगर : कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और सिरसा से सांसद कुमारी सैलजा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की अपनी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। कांग्रेस शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने में विश्वास करती है और उसने कभी हिंसा का सहारा नहीं लिया। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों और फैसलों के खिलाफ आवाज उठाना विपक्ष का लोकतांत्रिक अधिकार है।
यमुनानगर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि कहीं हिंसा की घटनाएं हुई हैं तो उनकी जिम्मेदारी विपक्ष पर डालना उचित नहीं है। लोगों को जागरूक करना और अपनी मांगों को सामने रखना लोकतंत्र का हिस्सा है।
बाजार बंद कराने और व्यापारियों के कारोबार प्रभावित होने के मुद्दे पर उन्होंने सत्ता पक्ष पर सवाल उठाए। सैलजा ने कहा कि पहले विपक्ष के प्रदर्शनों को लेकर व्यापार प्रभावित होने की चिंता जताई जाती थी, लेकिन अब त्योहारों के दौरान बाजार बंद कराने और यातायात रोकने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि जब कांग्रेस ने किसी तरह की लूटपाट या हिंसा नहीं की, तो व्यापारियों और आम लोगों को परेशान करने की जरूरत क्यों पड़ रही है।
आगामी विधानसभा चुनावों और ईवीएम को लेकर पूछे गए सवाल पर सैलजा ने एक बार फिर बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि ईवीएम को लेकर लोगों के मन में संदेह है और चुनाव आयोग को चुनाव प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करनी चाहिए। उनके मुताबिक, चुनाव परिणामों में वोटों की संख्या और बढ़ोतरी से जुड़े सवालों का स्पष्ट जवाब मिलना जरूरी है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए।
उत्तराखंड और पंजाब के राजनीतिक हालात पर उन्होंने कांग्रेस की जीत का भरोसा जताया। सैलजा ने कहा कि उत्तराखंड में राहुल गांधी के दौरे के दौरान लोगों में उत्साह और बदलाव की इच्छा दिखाई दी। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सरकार विफल रही है। उन्होंने दावा किया कि आगामी चुनाव में उत्तराखंड में कांग्रेस की सरकार बनेगी और पंजाब में भी पार्टी सत्ता में वापसी करेगी।






