रायपुर: पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में सक्रिय भीषण चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बदल गया है। मौसम विभाग ने प्रदेश के दक्षिणी, मध्य और उत्तरी हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। बस्तर संभाग के कई जिलों में तेज हवाओं, गरज-चमक और संभावित बाढ़ को देखते हुए प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है।
मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात के आंध्र प्रदेश के बापटला और विशाखापत्तनम के बीच तट पार करने का अनुमान था। इस दौरान हवा की रफ्तार 125 से 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका जताई गई थी। तूफान के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के दक्षिणी और मध्य क्षेत्रों में व्यापक बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर 115.5 से 204.5 मिलीमीटर तक वर्षा हो सकती है।
बस्तर के पांच जिलों में रेड अलर्ट
मौसम विभाग ने बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर और कोंडागांव में रेड अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। वहीं, कांकेर, दुर्ग, बालोद, राजनांदगांव, रायपुर, धमतरी, गरियाबंद और महासमुंद समेत कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। अन्य जिलों को येलो अलर्ट के तहत सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
अगले चरण में बारिश का असर प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में बढ़ने की संभावना जताई गई है। कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सूरजपुर और बलरामपुर में रेड अलर्ट की चेतावनी दी गई है। बिलासपुर, मुंगेली, कोरबा और जांजगीर-चांपा सहित कुछ जिलों में ऑरेंज अलर्ट रहेगा।
प्रशासन ने की राहत-बचाव की तैयारी
बस्तर संभाग के सात जिलों—बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव और कांकेर—में प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है। इंद्रावती, मारकंडी और नारंगी नदियों के किनारे बसे गांवों तथा निचले इलाकों में विशेष निगरानी की जा रही है। ग्रामीणों को संभावित बाढ़ के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
प्रशासन ने 18 से अधिक भवनों को राहत शिविरों के रूप में तैयार किया है। यहां भोजन, स्वास्थ्य सेवाओं और परिवहन की व्यवस्था की गई है। जिला स्तर पर 24 घंटे संचालित बाढ़ नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है। इसका हेल्पलाइन नंबर 07782-223122 है। राहत एवं बचाव के लिए एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और होमगार्ड की टीमें तैनात की गई हैं।
प्रशासन ने नागरिकों से खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने, नदी-नालों से दूर रहने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।







