मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने क्रांतिकारी जतीन्द्रनाथ दास को किया नमन
Chief Minister Samrat Chaudhary paid tribute to revolutionary Jatindranath Das.

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने महान स्वतंत्रता सेनानी और क्रांतिकारी जतीन्द्रनाथ दास की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने देश की आजादी के लिए उनके अदम्य साहस, त्याग और बलिदान को याद करते हुए कहा कि उनका संघर्ष हमेशा देशवासियों को प्रेरित करता रहेगा।

देशभक्ति और बलिदान की मिसाल थे जतीन्द्रनाथ दास

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपने संदेश में कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में जतीन्द्रनाथ दास का योगदान और मातृभूमि की आजादी के प्रति उनका अटूट संकल्प सदैव स्मरणीय रहेगा। उनका जीवन देशभक्ति, साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण की ऐसी मिसाल है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा।

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सम्राट चौधरी ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले सभी क्रांतिकारियों के प्रति सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने जतीन्द्रनाथ दास के बलिदान को भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का महत्वपूर्ण अध्याय बताया।

63 दिनों की भूख हड़ताल ने जगाई आजादी की अलख

जतीन्द्रनाथ दास का जन्म कोलकाता में हुआ था। वह भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख क्रांतिकारियों में शामिल थे। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान उनका संपर्क भगत सिंह और उनके साथियों से हुआ। इसके बाद वह हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन से जुड़ गए और ब्रिटिश शासन के विरुद्ध क्रांतिकारी गतिविधियों में सक्रिय रहे।

लाहौर षड्यंत्र मामले में गिरफ्तारी के बाद जतीन्द्रनाथ दास ने जेल में राजनीतिक बंदियों के साथ बेहतर व्यवहार और समान अधिकारों की मांग को लेकर भूख हड़ताल शुरू की। उनका उद्देश्य राजनीतिक कैदियों को सामान्य अपराधियों से अलग दर्जा दिलाना और जेल में उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करना था।

बलिदान ने स्वतंत्रता आंदोलन को दी नई प्रेरणा

जतीन्द्रनाथ दास ने 63 दिनों तक भूख हड़ताल जारी रखी। अंततः लाहौर जेल में उनका निधन हो गया। उनके बलिदान की खबर फैलने के बाद पूरे देश में ब्रिटिश शासन के खिलाफ आक्रोश तेज हुआ। उनके संघर्ष ने स्वतंत्रता आंदोलन को नई ऊर्जा दी और राजनीतिक बंदियों के अधिकारों का मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता से सामने आया।

जतीन्द्रनाथ दास का त्याग आज भी देश की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करने वाले वीर क्रांतिकारियों की गौरवशाली परंपरा की याद दिलाता है। मुख्यमंत्री ने उन्हें नमन करते हुए उनके आदर्शों और राष्ट्रप्रेम से प्रेरणा लेने का संदेश दिया।