मुंबई: महाराष्ट्र की मीरा-भयंदर वसई-विरार पुलिस की अपराध शाखा ने अंतरराज्यीय ड्रग उत्पादन नेटवर्क का खुलासा करते हुए अब तक 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जांच में गुजरात, उत्तर प्रदेश और तेलंगाना में कथित तौर पर संचालित अवैध निर्माण इकाइयों का पता चला है। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ, रसायन, कच्चा माल और प्रयोगशाला उपकरण जब्त किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, हालिया अभियान के दौरान तेलंगाना के संगारेड्डी जिले के पाटनचेरु क्षेत्र स्थित पशामयलारम में एक अवैध ठिकाने का पता चला। यहां कथित तौर पर एमडी ड्रग्स के निर्माण में इस्तेमाल होने वाला रसायन तैयार किया जा रहा था। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर 21 अक्टूबर को छापेमारी की गई, जिसमें मेडचल-मलकाजगिरी जिले के निवासी रमेश बाबू साके को हिरासत में लिया गया।
27 लाख रुपये का रसायन जब्त
पुलिस ने मौके से 2-ब्रोमो-4-मिथाइलप्रोपियोफेनोन रसायन का 88.699 किलोग्राम भंडार बरामद किया, जिसकी कीमत करीब 27.06 लाख रुपये बताई गई है। इसके अलावा कच्चा माल और प्रयोगशाला में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी जब्त किए गए। इस कार्रवाई में साइबराबाद पुलिस आयुक्तालय के अंतर्गत पाटनचेरु पुलिस की टीम ने सहयोग किया।
112 ग्राम एमडी ड्रग्स से शुरू हुई जांच
मामले की शुरुआत 24 जून 2026 को दर्ज एक केस से हुई थी। उस दिन नालासोपारा पूर्व के निवासी अविनाश उर्फ सोनू लोकनाथ अकबर और रविकांत ओमप्रकाश राम को गिरफ्तार किया गया था। उनके पास से करीब 3.36 लाख रुपये मूल्य की 112 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद हुई थी। इसके बाद मामला तुलिंज पुलिस थाने में एनडीपीएस अधिनियम के तहत दर्ज किया गया और जांच अपराध शाखा की इकाई-4 को सौंप दी गई।
जांच आगे बढ़ने पर पुलिस गुजरात के कच्छ जिले की अबडासा तहसील के संधान गांव और उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के मांडा क्षेत्र में कथित अवैध ड्रग निर्माण इकाइयों तक पहुंची। पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान करीब 62.871 किलोग्राम एमडी ड्रग्स, लगभग 260 लीटर रसायन, नकदी और अन्य सामग्री भी जब्त की गई।
कई राज्यों में फैला था नेटवर्क
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार 19 आरोपी महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश और तेलंगाना के निवासी हैं। कथित नेटवर्क में रसायन तैयार करने, कच्चे माल की खरीद-आपूर्ति, ड्रग्स के परिवहन और वित्तीय लेनदेन के लिए अलग-अलग स्तरों पर काम किया जाता था।
फिलहाल पुलिस आपूर्ति शृंखला और वितरण नेटवर्क की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि अन्य संदिग्धों की पहचान करने और विभिन्न राज्यों में संचालित इकाइयों के बीच संबंधों का पता लगाने के लिए आगे की कार्रवाई जारी है।







