पटना: बिहार विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की आठ सीटों के लिए शुक्रवार को संपन्न हुए मतदान में शिक्षक मतदाताओं ने अधिक उत्साह दिखाया। निर्वाचन आयोग की ओर से जारी अंतिम आंकड़ों के अनुसार, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में 82.85 प्रतिशत, जबकि स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में 53.42 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। सभी प्रत्याशियों की किस्मत मतपेटियों में बंद हो गई है। मतगणना 27 अक्टूबर को होगी।
आठ सीटों पर हुए इस चुनाव में विभिन्न राजनीतिक दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों के बीच मुकाबला देखने को मिला। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), जनता दल यूनाइटेड (जदयू), राष्ट्रीय जनता दल (राजद), कांग्रेस, वाम दलों और प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के उम्मीदवारों ने चुनाव में अपनी चुनौती पेश की।
सारण शिक्षक सीट पर सर्वाधिक मतदान
निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में सारण सीट पर सबसे अधिक 89.05 प्रतिशत मतदान हुआ। दरभंगा में 85.87 प्रतिशत, तिरहुत में 82.99 प्रतिशत और पटना में 74.75 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। इन चारों शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में कुल मतदान प्रतिशत 82.85 रहा।
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान का आंकड़ा स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की तुलना में काफी अधिक रहा। इससे शिक्षक मतदाताओं की चुनावी प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी सामने आई है।
स्नातक सीटों पर 53.42 प्रतिशत मतदान
स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में कोसी और दरभंगा में 54.73-54.73 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। पटना में 57.56 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले, जबकि तिरहुत में मतदान का आंकड़ा 48.51 प्रतिशत रहा। इस श्रेणी में चारों सीटों पर कुल 53.42 प्रतिशत मतदान हुआ।
स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में पटना, तिरहुत, दरभंगा और कोसी की सीटों के लिए मतदान कराया गया। वहीं, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में पटना, सारण, तिरहुत और दरभंगा की सीटें शामिल थीं।
27 अक्टूबर को होगी मतगणना
मतदान समाप्त होने के बाद अब सभी उम्मीदवारों की नजर मतगणना पर टिकी है। 27 अक्टूबर को होने वाली मतगणना के बाद चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे। नतीजों से स्पष्ट होगा कि शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में किस दल या उम्मीदवार को मतदाताओं का समर्थन मिला है।







