आइची-नागोया (जापान)। भारतीय पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी नितेश कुमार ने एशियाई पैरा खेल 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुष एकल एसएल3 स्पर्धा का स्वर्ण पदक अपने नाम किया। फाइनल मुकाबले में उन्होंने हमवतन और मौजूदा विश्व चैंपियन प्रमोद भगत को सीधे गेमों में हराकर खिताबी जीत दर्ज की। प्रमोद को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
आइची-नागोया में शुक्रवार को खेले गए फाइनल में मौजूदा पैरालंपिक चैंपियन नितेश कुमार ने बेहतरीन खेल दिखाया। उन्होंने प्रमोद भगत को 21-18, 21-16 से हराकर मुकाबला 2-0 से अपने नाम किया। दोनों खिलाड़ियों के बीच मुकाबला प्रतिस्पर्धात्मक रहा, लेकिन निर्णायक मौकों पर नितेश ने बेहतर नियंत्रण और सटीक खेल का प्रदर्शन किया।
नितेश कुमार टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टॉप्स) के खिलाड़ी हैं और विश्व रैंकिंग में पहले स्थान पर हैं। वहीं, प्रमोद भगत भी टॉप्स कार्यक्रम से जुड़े हैं और विश्व रैंकिंग में दूसरे स्थान पर हैं। ऐसे में दोनों शीर्ष भारतीय खिलाड़ियों के बीच हुआ यह फाइनल प्रतियोगिता के प्रमुख मुकाबलों में शामिल रहा।
नितेश ने अपनी जीत के साथ एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी क्षमता साबित की। पैरालंपिक चैंपियन के रूप में उनसे अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद थी और उन्होंने फाइनल में दबाव के बीच संयम बनाए रखते हुए खिताब हासिल किया। दूसरी ओर, विश्व चैंपियन प्रमोद भगत ने भी पूरे मुकाबले में चुनौती पेश की, लेकिन वह स्वर्ण पदक तक नहीं पहुंच सके।
इस फाइनल की खास बात यह रही कि पुरुष एकल एसएल3 वर्ग में दोनों पदक भारतीय खिलाड़ियों के खाते में आए। नितेश के स्वर्ण और प्रमोद के रजत पदक ने एशियाई पैरा खेलों में भारत की पैरा बैडमिंटन टीम की मजबूती को रेखांकित किया।
एशियाई पैरा खेल 2026 में नितेश कुमार की यह जीत भारतीय खेल जगत के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। वहीं, प्रमोद भगत का रजत पदक भी देश के पदक अभियान में अहम योगदान है।







