मॉस्को। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि रूस यूरोप के साथ किसी भी युद्ध की तैयारी नहीं कर रहा है। उन्होंने यूरोपीय देशों में रूस को लेकर जताई जा रही सुरक्षा चिंताओं और संभावित सैन्य टकराव संबंधी बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यूरोप के लोग रूस से लड़ना नहीं चाहते।
रूसी मीडिया को दिए गए एक टेलीविजन साक्षात्कार में पुतिन ने कहा कि पश्चिमी देशों के नेता लगातार रूस से खतरे और उसके साथ सीधे सैन्य संघर्ष की आशंका को लेकर बयान दे रहे हैं। उनके अनुसार, इन बयानों के बावजूद यह समझना जरूरी है कि रूस को युद्ध के मैदान में हराना संभव नहीं है और रणनीतिक रूप से उसे पराजित करना भी वास्तविकता से परे है।
पुतिन ने कहा कि रूस को सैन्य रूप से हराने की कोशिश करने वालों को मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों और वास्तविकताओं को समझना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि रूस को रणनीतिक रूप से पराजित करने की कोशिश सफल नहीं होगी।
रूसी राष्ट्रपति ने यूरोपीय राजनेताओं के उन बयानों की भी आलोचना की, जिनमें रूस के खिलाफ युद्ध की तैयारियों का उल्लेख किया जाता है। उन्होंने इन बयानों को राजनीतिक रूप से असंगत बताते हुए कहा कि रूस के साथ टकराव के बजाय शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व का रास्ता अपनाना बेहतर होगा।
पुतिन के मुताबिक, इतिहास में कई बार रूस को रणनीतिक रूप से कमजोर करने या पराजित करने की कोशिशें हुई हैं। उन्होंने कहा कि आज भी कुछ लोग ऐसी सोच रखते हैं, लेकिन उन्हें आधुनिक दुनिया की वास्तविकताओं को ध्यान में रखना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि रूस के साथ सद्भावपूर्ण संबंध बनाए रखना यूरोपीय देशों के अपने नागरिकों के हित में होगा। पुतिन का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब रूस और पश्चिमी देशों के बीच सुरक्षा, सैन्य तैयारियों और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर तनाव बना हुआ है।
हालांकि, पुतिन के बयान में रूस की ओर से युद्ध की तैयारी से इनकार और पश्चिमी देशों की नीतियों की आलोचना प्रमुख रही। उनके वक्तव्य पर यूरोपीय देशों की प्रतिक्रिया और इसका कूटनीतिक प्रभाव आगे की परिस्थितियों पर नि







