लुधियाना: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विजयदशमी के अवसर पर पंजाब को नशे के कारोबार से मुक्त बनाने का संकल्प दोहराया। लुधियाना में आयोजित दशहरा समारोह में उन्होंने ‘चिट्टे’ यानी हेरोइन के प्रतीकात्मक रावण का दहन किया और घोषणा की कि 31 दिसंबर 2029 तक पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने नशे के अवैध कारोबार से जुड़े हत्या के मामलों की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की भी अपील की।
समारोह को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि विजयादशमी बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। यह पर्व व्यक्ति को अपने भीतर के अहंकार, लोभ और अन्य बुराइयों को समाप्त करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने लुधियाना की रामलीला परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां करीब 200 वर्षों से रावण दहन का आयोजन किया जा रहा है।
गृह मंत्री ने पंजाब दौरे के दौरान नशे के कारोबार के खिलाफ आवाज उठाने के कारण अपने बेटों को खोने वाले परिवारों से मुलाकात का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों के सवाल, आंसू और पीड़ा किसी को भी झकझोर सकते हैं। शाह के मुताबिक, पंजाब सरकार ने एक हत्या के मामले की जांच सीबीआई को सौंपी है। उन्होंने राज्य सरकार से बाकी दो मामलों की जांच भी केंद्रीय एजेंसी को सौंपने की अपील की।
शाह ने भरोसा जताया कि इन मामलों में दोषियों को न्याय के दायरे में लाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान यदि किसी प्रभावशाली व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
केंद्रीय गृह मंत्री ने नशे के खिलाफ लड़ाई में जनभागीदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि नशे के अवैध कारोबार की जानकारी साझा करने के लिए नागरिक नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की टोल-फ्री हेल्पलाइन का उपयोग कर सकते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्राप्त सूचनाओं पर कार्रवाई की जाएगी।
शाह ने कहा कि नशे के खिलाफ संघर्ष में जान गंवाने वाले लोगों को सच्ची श्रद्धांजलि पंजाब को नशामुक्त बनाने के संकल्प को पूरा करना होगा। उन्होंने सरकार और जनता से इस अभियान में मिलकर काम करने का आह्वान किया।







