अमेरिका में भारतीयों की बढ़ेंगी मुश्किलें, वर्क परमिट नियम सख्त
Difficulties for Indians in the US to increase; work permit rules to become stricter

वॉशिंगटन: अमेरिका में एच-1बी वीजा धारकों के जीवनसाथियों समेत कई श्रेणियों के विदेशी कामगारों के लिए रोजगार संबंधी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। अमेरिकी सरकार ने वर्क परमिट की अवधि समाप्त होने के बाद नवीनीकरण आवेदन लंबित रहने की स्थिति में मिलने वाली 540 दिनों की ऑटोमैटिक एक्सटेंशन सुविधा खत्म कर दी है। इस फैसले से हजारों विदेशी कर्मचारियों, खासकर भारतीय प्रवासियों, के प्रभावित होने की आशंका है।

अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा (यूएससीआईएस) ने इस बदलाव को अंतिम नियम के रूप में लागू किया है। समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, यह नियम उस नीति को औपचारिक रूप देता है, जिसे पिछले साल अंतरिम व्यवस्था के तहत लागू किया गया था। पहले इस सुविधा का उद्देश्य वर्क परमिट नवीनीकरण में होने वाली देरी के कारण कर्मचारियों को रोजगार का अधिकार खोने से बचाना था।

GNSU Admission Open 2026

नई व्यवस्था का असर एच-1बी वीजा धारकों के उन जीवनसाथियों पर पड़ सकता है, जो एच-4 वीजा पर अमेरिका में रहते हैं और नौकरी करने के लिए रोजगार प्राधिकरण दस्तावेज (ईएडी) पर निर्भर हैं। यदि उनके मौजूदा वर्क परमिट की अवधि नवीनीकरण आवेदन मंजूर होने से पहले समाप्त हो जाती है, तो उन्हें नया परमिट मिलने तक काम रोकना पड़ सकता है।

इस नियम से प्रभावित होने वाली श्रेणियों में स्टेटस में बदलाव के लिए आवेदन करने वाले कुछ प्रवासी, शरण मांगने वाले आवेदक, शरणार्थी और अस्थायी संरक्षित दर्जा (टीपीएस) प्राप्त करने वाले लोग भी शामिल हैं।

हालांकि, सभी विदेशी कर्मचारियों पर इसका समान असर नहीं पड़ेगा। विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (एसटीईएम) क्षेत्रों में प्रशिक्षण से जुड़े पात्र एफ-1 छात्र निर्धारित शर्तों के तहत 180 दिनों की ऑटोमैटिक एक्सटेंशन सुविधा का लाभ ले सकेंगे। वहीं, एल और ई श्रेणी के वीजा धारकों के जीवनसाथियों को उनके आव्रजन दर्जे के आधार पर काम करने की अनुमति मिल सकती है।

इसके अतिरिक्त, ट्रंप प्रशासन वीजा नवीनीकरण प्रक्रिया को और सख्त करने पर भी विचार कर रहा है। प्रस्तावित बदलाव के तहत पहले वीजा मंजूर हो चुके आवेदनों को स्वतः प्राथमिकता देने की व्यवस्था समाप्त की जा सकती है। ऐसे में आवेदकों को पात्रता साबित करने के लिए अतिरिक्त दस्तावेज देने पड़ सकते हैं। हालांकि, यह अलग प्रस्ताव है और इसे अभी अंतिम मंजूरी नहीं मिली है।

व्हाइट हाउस के पूर्व सलाहकार और आव्रजन वकील अजय जैन भूटोरिया ने वर्क परमिट एक्सटेंशन सुविधा खत्म करने के फैसले की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि इससे कानूनी रूप से अमेरिका में रह रहे प्रवासियों, एच-4 वीजा धारकों और रोजगार पर निर्भर परिवारों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।