मंगलुरु में पादरी पर नाबालिगों के यौन शोषण का आरोप, POCSO के तहत केस
Priest in Mangaluru accused of sexually exploiting minors; case registered under POCSO.

मंगलुरु। कर्नाटक के मंगलुरु में एक चर्च से जुड़े पादरी के खिलाफ नाबालिग लड़कों के कथित यौन शोषण के मामले में पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोपी की पहचान फादर सिप्रियन पिंटो के रूप में हुई है, जो वैलेंसिया स्थित सेंट विंसेंट फेरर चर्च से जुड़े बताए जा रहे हैं।

पुलिस को दी गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि चर्च में नियमित रूप से आने वाले कुछ नाबालिग लड़कों के साथ अनुचित व्यवहार किया गया। शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने कथित तौर पर एक लड़के को चर्च परिसर में स्थित कमरों में ले जाकर कई बार उसके साथ अनुचित शारीरिक हरकतें कीं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है।

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जानकारी के अनुसार, पीड़ित लड़के ने कथित घटनाओं के बारे में अपने दोस्तों को बताया था। इसके बाद कुछ अन्य लड़कों ने भी इसी तरह के अनुभव होने की बात कही। मामला तब सामने आया, जब पीड़ित ने अपने परिवार के सदस्यों को इसकी जानकारी दी। परिवार ने पुलिस से संपर्क करने से पहले मंगलुरु डायोसिस के बिशप को भी पूरे मामले से अवगत कराया।

शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच शुरू की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बाल संरक्षण अधिकारियों को भी जांच में शामिल किया गया है। बाल अधिकारों के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं ने मामले की निष्पक्ष और गहन जांच किए जाने की मांग की है, ताकि शिकायत में लगाए गए आरोपों की सच्चाई सामने आ सके।

पुलिस जांच के दौरान संबंधित पक्षों से जानकारी जुटाने और शिकायत में बताए गए तथ्यों की पड़ताल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। फिलहाल, आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि होना बाकी है। जांच पूरी होने और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।

नाबालिगों से जुड़े मामलों में उनकी पहचान और निजता की सुरक्षा महत्वपूर्ण है। इसी को ध्यान में रखते हुए पीड़ित बच्चों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। मामले में निष्पक्ष जांच के साथ बच्चों की सुरक्षा और उनके हितों को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर जोर दिया जा रहा है।