गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय में योग और आत्मरक्षा कार्यक्रम, 200 एनएसएस स्वयंसेवकों ने लिया नशामुक्ति का संकल्प
Yoga and self-defense program at Gopal Narayan Singh University; 200 NSS volunteers take a pledge against substance abuse.

रोहतास। “युवा स्वस्थ होंगे, तभी देश मजबूत बनेगा” के संदेश के साथ गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय में योग, आत्मरक्षा और नशामुक्ति को लेकर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 200 स्वयंसेवकों ने भाग लिया। इस दौरान युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, नशे से दूर रहने और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।

विश्वविद्यालय में ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत–100 वीक संकल्प अभियान’ के तहत योग एवं आत्मरक्षा दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना था।

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कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रोफेसर डॉ. कुमार आलोक प्रताप, एनएसएस के कार्यक्रम पदाधिकारी आयुष कात्यायन और डॉ. धनंजय तिवारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का समन्वय वेदांत कुमार ने किया। इस दौरान वक्ताओं ने युवाओं के जीवन में अनुशासन, स्वास्थ्य जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी के महत्व पर जोर दिया।

कार्यक्रम में डॉ. अंजना गांधी ने युवाओं को नशे की लत से होने वाले नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नशे का सेवन व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। विशेष रूप से मस्तिष्क की कार्यक्षमता पर इसके असर को समझाते हुए उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने और सकारात्मक आदतें अपनाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण नारायण स्कूल ऑफ लॉ के विद्यार्थियों की ओर से प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक रहा। विद्यार्थियों ने अभिनय के माध्यम से नशे की लत से होने वाले दुष्परिणामों को प्रदर्शित किया। नाटक के जरिए समाज को नशामुक्त बनाने और युवाओं को इस बुराई से बचाने का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम में शामिल एनएसएस स्वयंसेवकों ने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नशे से दूर रहने का संकल्प लिया। आयोजकों ने युवाओं से अपील की कि वे स्वयं जागरूक बनें और अपने परिवार तथा समाज में भी नशामुक्ति का संदेश फैलाएं।

इस आयोजन के माध्यम से विश्वविद्यालय ने युवाओं में स्वास्थ्य जागरूकता, आत्मरक्षा और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को बढ़ावा देने का प्रयास किया।