नयी दिल्ली। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार से घुसपैठियों की पहचान और उनके खिलाफ की गई कार्रवाई का ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सवाल किया कि SIR प्रक्रिया के तहत कितने कथित घुसपैठियों की पहचान की गई, कितने लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए और कितने लोगों को देश से निर्वासित किया गया।
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए कहा कि देश के करीब 100 करोड़ लोगों को SIR प्रक्रिया से गुजरना पड़ा है। ऐसे में उन्हें इस प्रक्रिया के परिणामों की जानकारी मिलने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री को स्पष्ट करना चाहिए कि इस अभियान के दौरान कितने घुसपैठियों का पता चला और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई।
मतदाता सूची से नाम हटाने पर उठाए सवाल
कांग्रेस महासचिव ने आरोप लगाया कि SIR के पीछे की रणनीति से जुड़े लोग बार-बार घुसपैठियों का मुद्दा उठाकर मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मामले से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। उनके अनुसार, इस प्रक्रिया के तहत बड़ी संख्या में भारतीय नागरिकों के मताधिकार प्रभावित होने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
रमेश ने दावा किया कि करीब 14 करोड़ भारतीयों को उनके संवैधानिक मताधिकार से वंचित किए जाने का मुद्दा महत्वपूर्ण है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस विषय पर स्पष्ट जानकारी देने की मांग की।
गृह मंत्री से मांगा स्पष्ट जवाब
कांग्रेस नेता ने अमित शाह से सवाल किया कि क्या मतदाता सूची से हटाए गए करीब 14 करोड़ लोग घुसपैठिए हैं। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या गृह मंत्री के कार्यकाल में घुसपैठियों की संख्या में इतनी बड़ी वृद्धि हुई है।
रमेश के बयान के जरिए कांग्रेस ने SIR प्रक्रिया के उद्देश्यों, उसके परिणामों और मतदाता सूची से नाम हटाने के आधार पर सवाल उठाए हैं। पार्टी की मांग है कि सरकार घुसपैठियों की पहचान, मतदाता सूची से हटाए गए नामों और निर्वासन से संबंधित आंकड़े सार्वजनिक करे।
SIR को लेकर राजनीतिक बहस के बीच मतदाता सूची की शुद्धता और पात्र नागरिकों के मतदान के अधिकार का मुद्दा चर्चा में है। कांग्रेस ने इस मामले में पारदर्शिता की मांग करते हुए केंद्र सरकार से आंकड़ों के साथ स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।







