फरीदाबाद: हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (SV&ACB) ने पलवल की बाल कल्याण समिति (CWC) के सदस्य विक्रम वशिष्ठ के खिलाफ रिश्वत मांगने के मामले में अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया है। आरोपी पर एक युवती को बाल गृह से छुड़ाने में मदद करने के बदले कथित तौर पर 42 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है। जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी को पांच हजार रुपये की कथित रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था।
ब्यूरो के मुताबिक, मामले में पलवल के जिला एवं सत्र न्यायाधीश राज गुप्ता की अदालत में आरोपपत्र पेश किया गया है। इसमें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और धारा 13(1)(बी) के साथ धारा 13(2) के तहत आरोप शामिल किए गए हैं।
जांच एजेंसी के अनुसार, यह मामला एक शिकायत से जुड़ा है, जो 23 जनवरी 2026 को दर्ज कराई गई थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि वह असमा नाम की एक नाबालिग युवती के साथ प्रेम संबंध में था। युवती के परिवार वाले कथित तौर पर इस रिश्ते के खिलाफ थे। नाबालिग रहने के दौरान युवती को पलवल के बढ़ौला स्थित एक बाल गृह में रखा गया था।
शिकायतकर्ता का आरोप था कि युवती के बालिग होने के बाद उसने उसे बाल गृह से छुड़ाने की प्रक्रिया में मदद के लिए अधिकारियों से संपर्क किया। इसी दौरान CWC सदस्य विक्रम वशिष्ठ ने कथित तौर पर 40 हजार से 50 हजार रुपये तक की रिश्वत मांगी। बाद में कथित रूप से 42 हजार रुपये में सहमति बनी।
ब्यूरो के अनुसार, आरोपी पहले ही 32 हजार रुपये ले चुका था और शेष 10 हजार रुपये की मांग कर रहा था। इसी क्रम में शिकायतकर्ता को बकाया राशि में से पांच हजार रुपये देने के लिए बुलाया गया।
शिकायत के आधार पर फरीदाबाद की SV&ACB टीम ने 23 जनवरी को जाल बिछाया और आरोपी को कथित तौर पर पांच हजार रुपये लेते हुए पकड़ लिया। टीम ने रिश्वत की रकम बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार किया। इस संबंध में फरीदाबाद स्थित ब्यूरो थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
जांच पूरी होने के बाद अब अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया गया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई न्यायालय की प्रक्रिया के अनुसार होगी। आरोपों पर अंतिम निर्णय अदालत द्वारा किया जाएगा।







