वाराणसी: केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने युवाओं से विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि युवाओं को खुद को देश की विकास यात्रा का केवल लाभार्थी नहीं समझना चाहिए, बल्कि राष्ट्र निर्माण में अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और नवाचार देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के स्वतंत्रता भवन में खेल मंत्रालय की ओर से मेरा युवा भारत (माई भारत) के माध्यम से ‘यूथ फॉर विकसित भारत’ सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में युवा प्रतिभाओं, खिलाड़ियों और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स ने हिस्सा लिया। सम्मेलन का उद्देश्य युवाओं को देश के विकास से जोड़ना और उन्हें सामाजिक तथा राष्ट्रीय गतिविधियों में भागीदारी के लिए प्रेरित करना था।
2047 के भारत का नेतृत्व करेंगे आज के युवा
डॉ. मांडविया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत@2047 के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि आज के युवा ही भविष्य के भारत का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने जोर दिया कि विकसित भारत का निर्माण युवाओं द्वारा, युवाओं के लिए और युवाओं के माध्यम से होना चाहिए। इसके लिए युवाओं को अपने कौशल का विकास करने के साथ समाज और देश के प्रति जिम्मेदारी भी समझनी होगी।
उन्होंने युवाओं से अनुशासन, सेवा, उत्तरदायित्व और सम्मान जैसे मूल्यों को जीवन में अपनाने की अपील की। मंत्री ने कहा कि बदलाव लाने के लिए हमेशा बड़े प्रयासों की आवश्यकता नहीं होती। छोटे-छोटे लेकिन निरंतर किए जाने वाले प्रयास भी समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
माई भारत से मिल रहे नेतृत्व और सेवा के अवसर
मंत्री ने मेरा युवा भारत मंच की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से युवाओं को स्वयंसेवा, नेतृत्व विकास, सामुदायिक सेवा और व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने के अवसर दिए जा रहे हैं। इन गतिविधियों से युवाओं को अपनी क्षमताओं को पहचानने और सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का अवसर मिलता है।
सम्मेलन में उत्तर प्रदेश सरकार के युवा कल्याण एवं खेल राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीश चंद्र यादव और भारत सरकार के युवा कार्यक्रम विभाग के सचिव सुनील पालीवाल भी शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान भारतीय क्रिकेटर ध्रुव जुरेल और फिल्म ‘हनुमान अंश’ के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने भी प्रतिभागियों से संवाद किया। इस बातचीत के माध्यम से युवाओं को खेल, रचनात्मकता और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पण के महत्व से जुड़ने का अवसर मिला। सम्मेलन में युवाओं की भागीदारी को विकसित भारत के लक्ष्य से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया।







