भिण्ड में पटवारियों को 38 नोटिस, सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी
38 notices issued to Patwaris in Bhind; threat of mass resignation.

भिण्ड। मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले में स्वामित्व योजना के तहत रजिस्ट्री कराने को लेकर प्रशासन और पटवारियों के बीच विवाद गहराता जा रहा है। प्रशासन ने 15 और पटवारियों को नोटिस जारी किए हैं। इससे पहले 23 पटवारियों को नोटिस और 14 को निलंबित किया जा चुका है। लगातार हो रही कार्रवाई के बावजूद पटवारी अपनी मांग पर अड़े हैं। पटवारी संघ ने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई जारी रही तो जिले के सभी पटवारी सामूहिक इस्तीफा देने पर विचार कर सकते हैं।

स्वामित्व योजना के तहत रजिस्ट्री में नाम दर्ज करने के मुद्दे पर पटवारियों और प्रशासन के बीच करीब एक महीने से विवाद चल रहा है। पटवारियों की मांग है कि रजिस्ट्री में उनके व्यक्तिगत नाम के स्थान पर मध्यप्रदेश शासन का नाम दर्ज किया जाए। उनका कहना है कि मांग पूरी होने तक वे योजना के तहत रजिस्ट्री की प्रक्रिया में सहयोग नहीं करेंगे।

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पटवारी संघ ने अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन के माध्यम से शासन तक बात पहुंचाने का प्रयास किया था। हालांकि, सरकार और संघ के बीच बातचीत सफल नहीं होने के बाद विवाद बढ़ गया। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में पटवारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू होने के बाद भिण्ड प्रशासन ने भी सख्ती बढ़ा दी।

कलमबंद हड़ताल पर पटवारी

मांगों को लेकर पटवारियों ने कलमबंद हड़ताल शुरू कर दी है। इसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए पहले 23 पटवारियों को नोटिस जारी किए और 14 को निलंबित किया। लहार में सात, भिण्ड में तीन और मेहगांव में पांच पटवारियों को नोटिस दिए जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद 15 और पटवारियों को नोटिस जारी किए गए, जिससे कार्रवाई के दायरे में आए कर्मचारियों की संख्या बढ़ गई।

भिण्ड के अपर कलेक्टर राजन बी. नाडिया ने कहा कि स्वामित्व योजना को लेकर प्रशासन सख्त है और नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

कलेक्ट्रेट में धरने पर बैठे पटवारी

पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष विनायक सिंह तोमर के नेतृत्व में पटवारियों ने कलेक्ट्रेट परिसर में धरना देकर शांतिपूर्ण विरोध जताया। संघ का कहना है कि जब तक उनकी मांग पर निर्णय नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा। जिलाध्यक्ष ने चेतावनी दी कि प्रशासन की कार्रवाई नहीं रुकी तो जिले के सभी पटवारी सामूहिक इस्तीफे के विकल्प पर विचार कर सकते हैं। ऐसे में विवाद के आगे और बढ़ने की आशंका है।