सासाराम (रोहतास)। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के रोहतास दौरे से पहले सासाराम में एक बड़ा हादसा टल गया। बेदा रिंग रोड के उद्घाटन के लिए तैयार किया गया मुख्य तोरण द्वार अचानक भरभराकर गिर पड़ा। घटना के बाद मौके पर अफरातफरी का माहौल बन गया और प्रशासनिक अमले में भी हड़कंप मच गया। राहत की बात यह रही कि जिस समय यह द्वार गिरा, वहां कोई बड़ा काफिला या भीड़ मौजूद नहीं थी। इससे संभावित जनहानि टल गई।
करीब 122 करोड़ रुपये की लागत से तैयार बेदा रिंग रोड का उद्घाटन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा किया जाना प्रस्तावित था। इसी को लेकर कार्यक्रम स्थल पर तैयारियां की जा रही थीं। उद्घाटन कार्यक्रम के लिए मुख्य प्रवेश द्वार को आकर्षक तरीके से तैयार किया गया था, लेकिन कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही इसके गिर जाने से निर्माण और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
घटना को लेकर चेनारी विधायक मुरारी प्रसाद गौतम ने गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने इसे लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक बताते हुए निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। विधायक ने कहा कि उद्घाटन से पहले ही मुख्य द्वार का गिरना संबंधित एजेंसियों और प्रशासन की तैयारियों की समीक्षा की जरूरत को दर्शाता है। उन्होंने पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय किए जाने की मांग की है।
तोरण द्वार गिरने की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन सक्रिय हो गया। मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने और कार्यक्रम स्थल की व्यवस्था को दुरुस्त करने का काम शुरू किया गया। साथ ही सुरक्षा इंतजामों की भी समीक्षा की जा रही है, ताकि मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
घटना ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, अस्थायी ढांचे की मजबूती और कार्यक्रम से पहले सुरक्षा जांच की प्रक्रिया को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब प्रशासन की ओर से घटना के कारणों और जिम्मेदारी को लेकर क्या कदम उठाया जाता है, इस पर स्थानीय लोगों की नजर बनी हुई है।







