नयी दिल्ली। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार खिलाड़ी हरमनप्रीत कौर ने तीनों अंतरराष्ट्रीय प्रारूपों में टीम की कप्तानी छोड़ने का फैसला किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपने निर्णय की जानकारी दी। हरमनप्रीत ने कहा कि वह टीम को एक मजबूत स्थिति में छोड़कर अब फिर से क्रिकेट को उसके प्यार के लिए खेलना चाहती हैं।
हरमनप्रीत ने कप्तान के तौर पर भारतीय महिला क्रिकेट के कई महत्वपूर्ण पड़ाव देखे हैं। उनके नेतृत्व में भारत ने महिला वनडे विश्व कप का खिताब जीतने के साथ कई बड़े टूर्नामेंटों में प्रभावी प्रदर्शन किया। उनका कप्तान के रूप में आखिरी बड़ा कार्य भारत को एशियाई खेलों में लगातार दूसरी बार स्वर्ण पदक दिलाना रहा।
कप्तान के रूप में हरमनप्रीत ने पांच टेस्ट, 51 वनडे और 155 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारतीय टीम का नेतृत्व किया। उन्होंने पहली बार भारत की टी20 टीम की कप्तानी संभाली थी। बाद में नियमित कप्तान बनने के बाद उन्होंने टीम को टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल और फाइनल तक पहुंचाया।
हरमनप्रीत ने अपने संदेश में कहा कि कप्तानी छोड़ने का फैसला आसान नहीं था। उन्होंने कहा कि इस जिम्मेदारी के साथ वर्षों की यादें, भावनाएं, त्याग और कई महत्वपूर्ण अनुभव जुड़े हैं। उनके मुताबिक, कप्तान के तौर पर कई कठिन फैसले लेने पड़े, लेकिन उनका उद्देश्य हमेशा टीम को बेहतर बनाना और युवा खिलाड़ियों को अपनी क्षमता दिखाने का अवसर देना रहा।
उन्होंने साथी खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ, प्रबंधन, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड, परिवार और प्रशंसकों का आभार जताया। हरमनप्रीत ने कहा कि कप्तानी का सफर समाप्त हुआ है, लेकिन भारतीय क्रिकेट के लिए उनका प्यार कायम रहेगा और उनकी क्रिकेट यात्रा जारी रहेगी।
हरमनप्रीत के बाद उपकप्तान स्मृति मंधाना को कप्तानी का प्रमुख दावेदार माना जा रहा है। मंधाना ने हाल के वर्षों में घरेलू और महिला प्रीमियर लीग में अपनी नेतृत्व क्षमता दिखाई है। माना जा रहा है कि भारतीय महिला क्रिकेट में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया अब आगे बढ़ेगी।
कप्तानी छोड़ने के बावजूद हरमनप्रीत के खेल से दूर होने की संभावना नहीं है। वह बतौर खिलाड़ी भारतीय टीम के लिए उपलब्ध रह सकती हैं और महिला प्रीमियर लीग में मुंबई इंडियंस की कप्तानी जारी रखने की उम्मीद है।







