अगरतला में बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, हथियार कमांडर होने का दावा
Bangladeshi national arrested in Agartala; claims to be an arms commander.

अगरतला। त्रिपुरा पुलिस ने अगरतला के हेरिटेज पार्क में छापेमारी के दौरान एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान श्यामला कांति चकमा उर्फ तोरू के रूप में हुई है और उसके पर्वत चटगांव जन संहति समिति (पीसीजेएसएस) से जुड़े होने का दावा किया गया है। पुलिस ने उसे संगठन का कथित हथियार कमांडर बताया है।

पुलिस के मुताबिक, अगरतला के एनसीसी पुलिस थाने की टीम ने यह कार्रवाई उस समय की, जब पीसीजेएसएस से जुड़े कुछ लोगों के हेरिटेज पार्क में बैठक करने की सूचना मिली। कार्रवाई के दौरान श्यामला कांति चकमा को हिरासत में लिया गया, जबकि उसके दो कथित साथी मिथुन चकमा और ज्योतिष्मान चकमा मौके से फरार होने में सफल रहे।

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पुलिस सूत्रों के अनुसार, चकमा पहले बांग्लादेश के चटगांव पहाड़ी इलाकों में ‘मुखोश वाहिनी’ नामक एक निगरानी समूह से जुड़ा था। आरोप है कि वह आधुनिक हथियारों के साथ पीसीजेएसएस में शामिल हुआ था और बाद में संगठन की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने लगा।

पुलिस सूत्रों ने उसके बांग्लादेश के डायरेक्टरेट जनरल ऑफ फोर्सेस इंटेलिजेंस (डीजीएफआई) से कथित संबंध होने की भी जानकारी दी है। बताया गया है कि पीसीजेएसएस के अध्यक्ष संतु लर्मा ने उसे बांग्लादेश सेना के साथ संपर्क बनाए रखने की जिम्मेदारी दी थी। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

गिरफ्तार व्यक्ति के कथित तौर पर पीसीजेएसएस के एक अन्य हथियार कमांडर समाज प्रिय चकमा के साथ काम करने की बात भी सामने आई है। समाज प्रिय चकमा को पहले अगरतला के एडी नगर इलाके में हिरासत में लिया गया था। उस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक 9 एमएम पिस्तौल, जिंदा कारतूस, भारतीय और बांग्लादेशी मुद्रा के साथ दो स्मार्टफोन बरामद किए थे।

समाज प्रिय चकमा के खिलाफ मामला फिलहाल अगरतला में चल रहा है। श्यामला कांति चकमा की गिरफ्तारी के बाद त्रिपुरा में पीसीजेएसएस से जुड़े कथित हथियारबंद कैडरों की गतिविधियों को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी बढ़ने की संभावना है।

पुलिस ने फिलहाल गिरफ्तार व्यक्ति के खिलाफ लगाए गए आरोपों और मामले की आगे की कार्रवाई को लेकर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।