चेन्नई। श्रीलंकाई नौसेना ने अंतर्राष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा पार कर अपने जलक्षेत्र में कथित तौर पर अवैध रूप से मछली पकड़ने के आरोप में तमिलनाडु के नौ मछुआरों को गिरफ्तार किया है। सभी मछुआरे रामनाथपुरम जिले के रामेश्वरम स्थित थंगचिदमम इलाके के निवासी बताए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, मछुआरे समुद्र में मछली पकड़ने के लिए एक नौका से निकले थे। इसी दौरान श्रीलंकाई नौसेना ने उन्हें हिरासत में ले लिया। नौसेना ने मछुआरों की नौका और उनके पास मौजूद पकड़ी गई मछलियों को भी जब्त कर लिया। गिरफ्तारी के बाद सभी मछुआरों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए श्रीलंका ले जाया गया और वहां संबंधित स्थानीय अधिकारियों को सौंप दिया गया।
मछुआरों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आने के बाद तमिलनाडु के विभिन्न मछुआरा संगठनों ने इस कार्रवाई पर चिंता जताई है। संगठनों ने केंद्र सरकार और तमिलनाडु सरकार से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने तथा गिरफ्तार मछुआरों की जल्द रिहाई सुनिश्चित करने की अपील की है।
मछुआरा संघों का कहना है कि तमिलनाडु के मछुआरों की श्रीलंकाई नौसेना द्वारा गिरफ्तारी का मुद्दा लंबे समय से सामने आता रहा है। समुद्री सीमा के आसपास मछली पकड़ने के दौरान दोनों देशों के मछुआरों के बीच विवाद और हिरासत की घटनाएं होती रही हैं। ऐसे मामलों के कारण मछुआरा समुदाय में चिंता बनी रहती है।
संगठनों ने सरकार से केवल मौजूदा मामले में गिरफ्तार मछुआरों की रिहाई तक सीमित न रहते हुए श्रीलंकाई जेलों में बंद अन्य भारतीय मछुआरों की रिहाई के लिए भी प्रभावी कदम उठाने का आग्रह किया है। इसके साथ ही जब्त की गई भारतीय मछली पकड़ने वाली नौकाओं को वापस दिलाने की मांग भी उठाई गई है।
मछुआरा संगठनों ने केंद्र और राज्य सरकार से भारत-श्रीलंका समुद्री सीमा से जुड़े विवादों का स्थायी समाधान निकालने की दिशा में प्रयास तेज करने की अपील की है। उनका कहना है कि मछुआरों की आजीविका और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐसा तंत्र विकसित किया जाना चाहिए, जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं को कम किया जा सके।







