पेरिस। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने रक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), हरित प्रौद्योगिकी, क्वांटम तकनीक और अंतरिक्ष क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के लिए यूरोपीय संघ (ईयू) के बजट में वृद्धि की आवश्यकता पर जोर दिया है।
स्पेन के प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज के साथ मैड्रिड में बैठक के बाद बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मैक्रों ने कहा कि ईयू के बजट का आकार बढ़ाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पिछली बार बजट में इस तरह की वृद्धि कोविड-19 महामारी के दौरान की गई थी।
मैक्रों के अनुसार, यूरोप को रक्षा और नई प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बनाए रखने के लिए अतिरिक्त वित्तीय संसाधनों की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यदि ईयू अपना बजट नहीं बढ़ाता है, तो या तो इन क्षेत्रों में आवश्यक खर्च नहीं हो पाएगा और यूरोप नवाचार की दौड़ में पीछे रह जाएगा, या फिर इसका वित्तीय बोझ अलग-अलग सदस्य देशों पर डालना पड़ेगा।
फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने चेतावनी दी कि अलग-अलग देशों द्वारा अलग-अलग स्तर पर निवेश किए जाने से यूरोपीय संघ के एकल बाजार के सामने चुनौतियां पैदा हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि 27 अलग-अलग अंतरिक्ष और एआई नीतियां बनाने के बजाय यूरोप को साझा स्तर पर काम करना चाहिए, ताकि आवश्यक पैमाने और संसाधन उपलब्ध हो सकें।
इस बीच, यूरोपीय संघ के अगले बहुवर्षीय बजट को लेकर सदस्य देशों के बीच मतभेद भी सामने आए हैं। सितंबर के मध्य में जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़, ऑस्ट्रिया के चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर, नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटन, डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन और फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो ने संयुक्त बयान में 2028-2034 के लिए प्रस्तावित ईयू बजट में कटौती की मांग की थी।
इन नेताओं ने प्रस्तावित बजट में करीब 60 प्रतिशत की वृद्धि को आर्थिक और राजनीतिक रूप से अवास्तविक बताया था। उन्होंने कई सदस्य देशों की सार्वजनिक वित्तीय स्थिति को भी चिंता का विषय बताया।







