राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव की गंज मंडी में सब्जी बेचने वाले 28 वर्षीय प्रभात सोनकर इन दिनों अपनी अनोखी कला को लेकर चर्चा में हैं। गणेश उत्सव के दौरान उन्होंने चर्चित फिल्म ‘कांतारा’ की थीम पर एक जीवंत झांकी तैयार की, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद उन्हें व्यापक सराहना मिल रही है।
बचपन से झांकियां बनाने में रुचि रखने वाले प्रभात पिछले करीब पांच वर्षों से इस कला को गंभीरता से आगे बढ़ा रहे हैं। इस बार उन्होंने अभिनेता ऋषभ शेट्टी की फिल्म ‘कांतारा’ से प्रेरणा लेकर भूत कोला समेत फिल्म के विभिन्न किरदारों को झांकी के माध्यम से प्रस्तुत किया।
प्रभात ने बताया कि इस झांकी को तैयार करने में उनकी सबसे बड़ी चुनौती किरदारों को केवल मूर्तियों के रूप में प्रदर्शित करने के बजाय उन्हें जीवंत रूप देना था। इसके लिए उन्होंने गन्ने के छिलके, पुराने कपड़े, जूट और थर्मोकोल जैसी साधारण और अनुपयोगी सामग्री का इस्तेमाल किया। मूर्तियों में विशेष प्रकार की गतिविधियां और स्वयं प्रभात की अभिनय प्रस्तुति ने झांकी को अलग रूप दिया।
उन्होंने बताया कि झांकी तैयार करने में 15 से 20 सदस्यों की टीम ने करीब 10 से 12 महीने तक मेहनत की। राजनांदगांव के बाद इसका प्रदर्शन डोंगरगांव में भी किया गया। झांकी के वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद ‘कांतारा’ और ऋषभ शेट्टी के प्रशंसकों के बीच भी इसकी चर्चा होने लगी।
प्रभात के अनुसार, झांकी तैयार करने के दौरान बढ़ती लागत और सीमित संसाधनों के कारण कई चुनौतियां सामने आईं। इसके बावजूद टीम ने उपलब्ध और बेकार समझी जाने वाली सामग्री का रचनात्मक इस्तेमाल कर इसे तैयार किया।
गंज मंडी में सब्जी बेचकर परिवार का जीवनयापन करने वाले प्रभात की कला अब उन्हें एक अलग पहचान दिला रही है। सीमित संसाधनों के बीच तैयार की गई उनकी झांकी यह भी दिखाती है कि रचनात्मकता और मेहनत के लिए महंगे साधनों की अनिवार्यता नहीं होती।







