
नयी दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को मिली कानूनी प्रतिरक्षा पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर आरोप लगाया कि वह चुनावों में मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तेमाल करते हैं। राहुल गांधी ने मताधिकार की रक्षा को लेकर इंडिया गठबंधन की एकजुटता भी जाहिर की।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि हर भारतीय के मताधिकार की रक्षा की लड़ाई में इंडिया गठबंधन एकजुट है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को मिलने वाली कानूनी सुरक्षा के दायरे और उसके औचित्य पर सवाल उठाते हुए पूछा कि उन्हें व्यापक कानूनी प्रतिरक्षा क्यों प्राप्त है।
कांग्रेस नेता ने अपने पोस्ट में आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तेमाल चुनाव चुराने के लिए करते हैं। उनका यह बयान चुनाव आयोग की भूमिका, चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और संवैधानिक पदों पर बैठे अधिकारियों को मिलने वाले कानूनी संरक्षण को लेकर राजनीतिक बहस के बीच आया है।
राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त को प्राप्त कानूनी प्रतिरक्षा के प्रावधानों पर सवाल उठाते हुए इसे मताधिकार की सुरक्षा से जुड़े मुद्दे के रूप में उठाया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक नागरिक के मतदान के अधिकार की रक्षा महत्वपूर्ण है और विपक्षी गठबंधन इस मुद्दे पर एकजुट है।
उनके बयान के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त की कानूनी सुरक्षा और चुनाव आयोग की जवाबदेही को लेकर चर्चा तेज होने की संभावना है। हालांकि, राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोपों के संबंध में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।
गौरतलब है कि मुख्य चुनाव आयुक्त को कानूनी संरक्षण दिए जाने का विषय चुनाव आयोग की संस्थागत स्वतंत्रता और अधिकारियों की जवाबदेही से जुड़ा है। राहुल गांधी ने इसी संदर्भ में कानूनी प्रतिरक्षा के प्रावधानों पर सवाल उठाते हुए चुनावी प्रक्रिया को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर की हैं।






