आइची-नागोया (जापान)। एशियाई खेलों में भारतीय तीरंदाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिला कंपाउंड टीम और मिश्रित कंपाउंड टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने के साथ पुरुष कंपाउंड टीम स्पर्धा के फाइनल में भी जगह बना ली है। भारतीय पुरुष टीम ने सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया को हराकर स्वर्ण पदक मुकाबले में प्रवेश किया, जहां उसका सामना चीन से होगा।
पुरुष कंपाउंड टीम सेमीफाइनल में साहिल जाधव, गणेश मणि रत्नम तिरुमुरु और कुशल दलाल की भारतीय तिकड़ी ने दक्षिण कोरिया को 236-229 से पराजित किया। भारतीय खिलाड़ियों ने पूरे मुकाबले में संयमित प्रदर्शन किया और अंतिम चरण तक सात अंकों की बढ़त बनाए रखते हुए जीत सुनिश्चित की।
इससे पहले साहिल जाधव और चिकिता तनिपार्थी की भारतीय जोड़ी ने मिश्रित कंपाउंड टीम स्पर्धा के फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। रोमांचक मुकाबले में भारतीय जोड़ी ने शूट-ऑफ में अपना संयम बनाए रखा और शीर्ष स्थान हासिल किया। कोरियाई टीम को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
इस जीत के साथ चिकिता ने प्रतियोगिता में अपना दूसरा स्वर्ण पदक हासिल किया, जबकि साहिल का यह पहला स्वर्ण पदक रहा। भारतीय जोड़ी की इस सफलता के साथ भारत ने लॉस एंजिल्स ओलंपिक में कंपाउंड मिश्रित टीम स्पर्धा के लिए कोटा भी हासिल कर लिया।
महिला कंपाउंड टीम स्पर्धा के फाइनल में ज्योति सुरेखा वेन्नम, पृथिका प्रदीप और चिकिता तनिपार्थी की भारतीय टीम ने चीन को 238-234 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। इस जीत के साथ भारत ने एशियाई खेलों में अपना महिला कंपाउंड टीम खिताब बरकरार रखा।
भारतीय टीम ने मुकाबले के पहले हाफ में 119-116 की बढ़त बनाई और दूसरे हाफ में चीन की चुनौती का सफलतापूर्वक सामना किया। भारत का 238 अंकों का स्कोर दक्षिण कोरिया द्वारा इंचियोन एशियाई खेलों में बनाए गए विश्व रिकॉर्ड की बराबरी भी रहा।
भारतीय तीरंदाजों की इस सफलता से प्रतियोगिता में देश का प्रदर्शन और मजबूत हुआ है। महिला और मिश्रित टीमों के स्वर्ण पदकों के बाद अब पुरुष कंपाउंड टीम से भी स्वर्ण पदक मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।







