नयी दिल्ली। भारत की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक तथा सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) की विश्व धरोहर स्थलों की अस्थायी सूची में देश के पांच नए स्थलों को शामिल किया गया है। इनमें मध्य प्रदेश के चार ऐतिहासिक स्थल और महात्मा गांधी के सत्याग्रह आंदोलन से जुड़े भारत तथा दक्षिण अफ्रीका के स्थल शामिल हैं।
अधिकारियों के अनुसार, मध्य प्रदेश के चार स्थलों में उदयगिरि गुफाएं भी शामिल हैं। ये स्थल भारत की प्राचीन कला, स्थापत्य, सांस्कृतिक परंपराओं और ऐतिहासिक विरासत के महत्वपूर्ण उदाहरण माने जाते हैं। इनका अस्थायी सूची में शामिल होना देश की समृद्ध विरासत को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
पांचवीं प्रविष्टि महात्मा गांधी के सत्याग्रह आंदोलन से संबंधित स्थलों की है। इसमें भारत और दक्षिण अफ्रीका में स्थित उन स्थानों को शामिल किया गया है, जिनका गांधीजी के सत्याग्रह आंदोलन और उसके ऐतिहासिक विकास से गहरा संबंध रहा है। यह पहल सत्याग्रह के ऐतिहासिक महत्व और गांधीजी के अहिंसक संघर्ष की विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में सहायक होगी।
यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों की अस्थायी सूची (टेंटेटिव लिस्ट) उन सांस्कृतिक और प्राकृतिक स्थलों का प्रारंभिक संकलन है, जिन्हें संबंधित देश भविष्य में विश्व धरोहर सूची में शामिल किए जाने के लिए नामांकित करने पर विचार कर सकते हैं।
हालांकि, किसी स्थल का अस्थायी सूची में शामिल होना उसे आधिकारिक रूप से यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल घोषित किए जाने के समान नहीं है। इसके बाद संबंधित देश को निर्धारित प्रक्रिया के तहत विस्तृत नामांकन प्रस्तुत करना होता है। यूनेस्को द्वारा मूल्यांकन और निर्धारित मानदंडों के आधार पर ही किसी स्थल को अंतिम विश्व धरोहर सूची में शामिल करने का निर्णय लिया जाता है।
भारत के पांच नए स्थलों को अस्थायी सूची में जगह मिलने से देश की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ी विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने के प्रयासों को गति मिलेगी। साथ ही, इन स्थलों के संरक्षण, शोध और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार-प्रसार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।







