भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून सीजन समाप्त होने में अब कुछ ही दिन शेष हैं और प्रदेश में अब तक सामान्य बारिश का 95.4 प्रतिशत रिकॉर्ड किया गया है। प्रदेश में कुल 904 मिलीमीटर यानी करीब 35.6 इंच बारिश हुई है, जबकि सामान्य औसत 940.4 मिलीमीटर है। 96 से 104 प्रतिशत बारिश को सामान्य श्रेणी में माना जाता है।
मौसम विभाग के अनुसार भोपाल, ग्वालियर समेत 25 जिलों में सामान्य या उससे अधिक बारिश दर्ज की गई है। वहीं कई जिलों में बारिश का कोटा अभी पूरा नहीं हुआ है। प्रदेश में सबसे अधिक करीब 50 इंच बारिश मऊगंज, सतना और उमरिया में दर्ज की गई है, जबकि आलीराजपुर में 20 इंच से कम बारिश हुई है।
पूर्वी मध्यप्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभागों में बारिश सामान्य के आसपास पहुंच गई है। हालांकि बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी समेत कुछ जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। पिछले सप्ताह हुई बारिश से इन क्षेत्रों के आंकड़ों में सुधार हुआ है।
इसके विपरीत पश्चिमी मध्यप्रदेश में बारिश की कमी बनी हुई है। आलीराजपुर, इंदौर, धार, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, नीमच, रतलाम, उज्जैन, सीहोर और विदिशा समेत कई जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। पश्चिमी हिस्से में औसत से करीब 11 प्रतिशत कम, जबकि पूर्वी हिस्से में लगभग चार प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है।
राजधानी भोपाल में सामान्य कोटे की 109.5 प्रतिशत बारिश हो चुकी है। ग्वालियर में भी सामान्य से अधिक बारिश हुई है, जबकि इंदौर में सामान्य कोटे का करीब 73 प्रतिशत ही पूरा हुआ है। शिवपुरी में सामान्य से काफी अधिक बारिश दर्ज की गई है।
बारिश के चलते प्रदेश के कई बांधों में जलस्तर बढ़ गया है। भोपाल के बड़ा तालाब के फुल टैंक लेवल तक पहुंचने के बाद भदभदा और कलियासोत बांध के गेट खोले गए। बरगी समेत कई अन्य बांधों में भी जलभराव बढ़ा है। कई बांधों में 90 प्रतिशत या उससे अधिक पानी जमा है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार सितंबर के अंतिम दौर में पूर्वी हिस्से में हुई अच्छी बारिश ने प्रदेश के कुल वर्षा आंकड़े में सुधार किया है। वहीं डिंडौरी में पुल के डूबने से राजमार्ग पर आवागमन भी प्रभावित हुआ।







