नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महात्मा गांधी के स्वच्छता संदेश को याद करते हुए कहा कि स्वच्छता के प्रति जनभागीदारी राष्ट्रपिता को दी जाने वाली सबसे सुंदर श्रद्धांजलि है। उन्होंने देश के अलग-अलग हिस्सों में आम नागरिकों, युवाओं और बच्चों द्वारा स्वच्छता के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में श्री मोदी ने कहा कि महात्मा गांधी ने जीवन से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण संदेश दिए, जिनमें स्वच्छता भी प्रमुख है। उन्होंने कहा कि देशभर में स्वच्छता से जुड़े कई प्रयास देखने को मिल रहे हैं, जो प्रेरणादायक होने के साथ लोगों का उत्साह भी बढ़ाते हैं।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर सामने आ रहे स्वच्छता अभियानों से जुड़े वीडियो का उल्लेख करते हुए कहा कि इन प्रयासों में जनभागीदारी की भावना स्पष्ट दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि कई जगहों पर पहल की शुरुआत एक व्यक्ति ने की और धीरे-धीरे अन्य लोग भी उससे जुड़ते गए। उनके अनुसार, लोगों का इस तरह मिलकर आगे बढ़ना ही जनभागीदारी का उदाहरण है।
श्री मोदी ने मध्य प्रदेश में युवाओं द्वारा नदी की सफाई के लिए चलाए जा रहे प्रयास का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि आंध्र प्रदेश में युवा पुरानी बावड़ियों और कुओं की सफाई के काम में जुटे हैं। मुंबई में युवाओं द्वारा समुद्र तटों को स्वच्छ रखने के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बच्चों और युवाओं की ओर से चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों की भी चर्चा की। इन अभियानों के माध्यम से लोगों को कचरे को अलग-अलग रखने और अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
उन्होंने पश्चिम बंगाल के प्रयासों का भी उल्लेख किया, जहां युवा छात्रों और स्थानीय लोगों ने मिलकर पिकनिक स्थलों तथा आसपास के बाजार क्षेत्रों में सफाई अभियान चलाया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वच्छता केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज की सामूहिक भागीदारी महत्वपूर्ण है। गांधी जयंती के अवसर से जुड़े स्वच्छता संदेश को रेखांकित करते हुए उन्होंने नागरिकों से अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।







