मास्को। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस एवं प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान के बीच फोन पर बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की स्थिति, खासकर फारस की खाड़ी में सुरक्षा और यमन के बिगड़ते हालात पर चर्चा की। क्रेमलिन के अनुसार, बातचीत में क्षेत्रीय जलमार्गों से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के महत्व पर भी जोर दिया गया।
क्रेमलिन के मुताबिक, पुतिन और मोहम्मद बिन सलमान ने राजनीतिक, व्यापार-आर्थिक और मानवीय क्षेत्रों में रूस-सऊदी सहयोग के मौजूदा स्तर पर संतोष व्यक्त किया। दोनों पक्षों ने विभिन्न स्तरों पर संपर्क जारी रखने पर भी सहमति जताई।
बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति का विस्तृत जायजा लिया। विशेष रूप से फारस की खाड़ी में सुरक्षा परिस्थितियों और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों से जहाजों के सुरक्षित एवं निर्बाध आवागमन पर चर्चा हुई।
क्रेमलिन ने बताया कि बाब-अल-मंदेब और होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के महत्व को रेखांकित किया गया। ये दोनों जलमार्ग क्षेत्रीय और वैश्विक व्यापार तथा ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण हैं।
यमन की स्थिति पर भी दोनों नेताओं ने चिंता जताई। क्रेमलिन के अनुसार, वहां बिगड़ते सैन्य और राजनीतिक हालात के बीच जल्द से जल्द संघर्ष रोकने और संयुक्त राष्ट्र की निगरानी में यमन के भीतर सार्थक बातचीत के लिए परिस्थितियां तैयार करने की जरूरत पर सहमति बनी।
बातचीत ऐसे समय हुई है जब यमन में बढ़ते संघर्ष और क्षेत्रीय तनाव के बीच प्रमुख समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंता बनी हुई है।







