
नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने वर्ष 2027 में आयोजित होने वाली कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियां शुरू कर दी हैं। बोर्ड स्तर पर फिलहाल प्री-एग्जाम प्रक्रिया को लेकर काम चल रहा है। अनुमान के मुताबिक, आगामी बोर्ड परीक्षाओं में करीब 29.89 लाख छात्र शामिल हो सकते हैं।
परीक्षा व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और तकनीक आधारित बनाने के लिए CBSE ने विद्यार्थियों से संबंधित जानकारी वाले फ्लाइंग स्लिप्स को स्कैन और प्रोसेस करने की प्रक्रिया शुरू की है। इन दस्तावेजों में छात्रों के नाम, रोल नंबर और विषय कोड जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज होती हैं।
बोर्ड की योजना के तहत इन दस्तावेजों के डेटा को OCR, ICR और OMR तकनीक की मदद से डिजिटल रूप में तैयार किया जाएगा। इसके बाद प्राप्त जानकारी का CBSE के रिकॉर्ड से मिलान किया जाएगा। इस प्रक्रिया का उद्देश्य छात्रों के रिकॉर्ड में संभावित त्रुटियों को कम करना और परीक्षा संबंधी डेटा को अधिक सटीक बनाना है।
तीन चरणों में होती है परीक्षा प्रक्रिया
CBSE की बोर्ड परीक्षा से जुड़ी पूरी प्रक्रिया को मुख्य रूप से प्री-एग्जाम, एग्जाम और पोस्ट-एग्जाम चरणों में बांटा जाता है। वर्तमान में बोर्ड प्री-एग्जाम तैयारियों को पूरा करने की दिशा में काम कर रहा है।
डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल से परीक्षा प्रबंधन को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के साथ-साथ विद्यार्थियों से जुड़े रिकॉर्ड को सुरक्षित एवं सटीक रखने में भी मदद मिलने की उम्मीद है। आगामी बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों के लिए बोर्ड की ओर से आगे की महत्वपूर्ण तारीखों और दिशा-निर्देशों की जानकारी आधिकारिक स्तर पर जारी की जाएगी।







