चेन्नई: भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने कहा कि दो महीने के ब्रेक के बाद श्रीलंका दौरे पर उन्हें अपनी लय और गति हासिल करने में परेशानी हुई थी। हालांकि, दलीप ट्रॉफी के फाइनल में लंबे स्पेल करने से उन्हें अपनी पुरानी लय वापस पाने में काफी मदद मिली।
श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज में सिराज अपने पुराने रंग में नजर नहीं आए थे। वह चार पारियों में सिर्फ 44 ओवर गेंदबाजी कर सके और अपनी गति व लय के लिए संघर्ष करते दिखे।
दलीप ट्रॉफी फाइनल के बाद सिराज ने कहा कि वह ऐसे गेंदबाज हैं जो अपनी लय पर काफी निर्भर रहते हैं। उनके मुताबिक, ब्रेक के बाद सीधे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उतरना आसान नहीं था। श्रीलंका में रनअप के साथ तालमेल नहीं बैठ पाने के कारण उनके कुछ कदम छोटे और कुछ लंबे हो रहे थे, जिससे उनकी लय प्रभावित हुई और गति भी कम हो गई।
सिराज ने बताया कि दलीप ट्रॉफी फाइनल में 41 ओवर गेंदबाजी करने से उन्हें काफी फायदा मिला। उन्होंने कहा कि अब उनकी गेंदबाजी में पुरानी गति लौट आई है और शरीर भी दोबारा पूरी तरह सक्रिय महसूस कर रहा है।
फाइनल की पहली पारी में सिराज ने 25 ओवर में 140 रन खर्च किए और उन्हें विकेट के लिए दूसरी पारी तक इंतजार करना पड़ा। हालांकि, उन्होंने इसे लेकर चिंता नहीं जताई। सिराज ने कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य लय हासिल करना था और इस मुकाबले से उन्हें वह हासिल करने में मदद मिली।
उन्होंने कहा कि जब कोई खिलाड़ी देश का प्रतिनिधित्व करता है तो बहाने की गुंजाइश नहीं होती। टीम और देश के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना ही प्राथमिकता होनी चाहिए।








