पश्चिम चंपारण: नेपाल के रसुआ में 26 अगस्त को लैंडस्लाइड के बाद आई भीषण बाढ़ का असर 12वें दिन भी गंडक नदी में दिखाई दे रहा है। इंडो-नेपाल सीमा के त्रिवेणी संगम तट और गंडक बराज क्षेत्र से तीन शव बरामद किए गए हैं। शव मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई।
जानकारी के अनुसार, त्रिवेणी संगम तट के पास दो शव मिले, जबकि एक शव गंडक बराज के फाटक संख्या 4 और 5 के बीच फंसा हुआ था। बराज के फाटकों को नीचे किए जाने के बाद शव दिखाई दिया, जिसके बाद नेपाल सशस्त्र पुलिस बल (APF) और नेपाल पुलिस के जवानों ने संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाकर शवों को बाहर निकाला।
बताया जा रहा है कि 26 अगस्त को नेपाल के रसुआ में लैंडस्लाइड के बाद आए सैलाब से त्रिशूली नदी में भारी उफान आया था। इसका असर नारायणी-गंडक नदी के जरिए भारत तक भी पहुंचा। हालांकि भारतीय क्षेत्र में बड़े स्तर पर जान-माल का नुकसान नहीं हुआ, लेकिन गंडक के निचले इलाकों में बाढ़ का प्रभाव अब भी देखने को मिल रहा है।
बरामद तीनों शवों की अभी पहचान नहीं हो सकी है। नेपाली पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम समेत आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां शवों की पहचान के साथ-साथ हादसे से जुड़े तथ्यों की भी जांच कर रही हैं।
लगातार शवों के मिलने से नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा की भयावहता एक बार फिर सामने आ रही है। सीमा से सटे भारतीय इलाकों में भी प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित क्षेत्र में हरसंभव सहयोग किया जा रहा है।








