प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में नवाबगंज क्षेत्र स्थित श्रृंगवेरपुर धाम के पास राम वन गमन पथ परियोजना के तहत बनाई जा रही सड़क के कुछ हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कई जगह सड़क उखड़ने और धंसने के वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मामले के सामने आने के बाद संबंधित विभाग ने क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत शुरू करा दी है।
जानकारी के मुताबिक, अयोध्या से चित्रकूट तक करीब 210 किलोमीटर लंबे राम वन गमन पथ का निर्माण कराया जा रहा है। श्रृंगवेरपुर धाम के समीप करीब 100 मीटर के क्षेत्र में सड़क कई स्थानों पर उखड़ी हुई दिखाई दे रही है। इसके अलावा सड़क के किनारे बनाए गए बॉर्डर को भी कुछ जगहों पर नुकसान पहुंचा है।
सड़क के निर्माण के कुछ समय बाद ही इसके क्षतिग्रस्त होने को लेकर सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुए, जिसके बाद परियोजना की गुणवत्ता पर चर्चा शुरू हो गई। लोगों ने सड़क निर्माण में इस्तेमाल सामग्री और काम की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए हैं।
मामले पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि फिलहाल बारिश का मौसम है। यदि कहीं सड़क धंस गई है तो उसकी मरम्मत कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि राम वन गमन पथ परियोजना के लिए सरकार की ओर से करीब 4,400 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।
धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है श्रृंगवेरपुर
श्रृंगवेरपुर धाम का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व है। मान्यता है कि भगवान राम वनवास के दौरान यहां पहुंचे थे और निषादराज ने उन्हें नाव से गंगा पार कराई थी। इसी धार्मिक महत्व को देखते हुए सरकार क्षेत्र के विकास और सौंदर्यीकरण पर विशेष जोर दे रही है।
राम वन गमन पथ के निर्माण का उद्देश्य अयोध्या, श्रृंगवेरपुर और चित्रकूट जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों को बेहतर सड़क संपर्क से जोड़ना भी है। ऐसे में सड़क के शुरुआती दौर में ही क्षतिग्रस्त होने से निर्माण की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों के बीच अब मरम्मत कार्य पर भी लोगों की नजर बनी हुई है।
फिलहाल विभाग ने क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत शुरू कर दी है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मरम्मत के बाद सड़क की गुणवत्ता और मजबूती कितनी बेहतर रहती है।








